रायपुर/दुर्ग: कर्ज की मार झेल रहे अरुण कुमार तुरंग (50) और राखी तुरंग (40) को पुलिस ने दुर्ग जिले में नकली नोट छापते और बाजार में चलाते हुए रंगे हाथ पकड़ा। उनके पास से 1,70,500 रुपये के नकली नोट और कलर फोटो कॉपी मशीन बरामद हुई।
कैसे पकड़े गए?
दुर्ग के रानीतराई थाना क्षेत्र में व्यापारी नकली नोट की खराब प्रिंट क्वालिटी [छाप की खराब गुणवत्ता] और छूने पर अलग एहसास के कारण सतर्क हुए। 5.30 बजे सब्जी विक्रेता तुलेश्वर सोनकर को 500 रुपये का नकली नोट मिला। बाकी व्यापारियों की जांच के बाद पुलिस ने दंपती को बाजार में ही पकड़ लिया।
यूट्यूब से सीखा तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा। कर्ज बढ़ने के कारण उन्होंने ऑनलाइन मशीन मंगाई और असली नोट की फोटो कॉपी कर नकली नोट छापना शुरू किया।
घर से बरामदगी
पुलिस ने रायपुर स्थित घर की तलाशी ली। वहां से कलर फोटो कॉपी मशीन, पेपर और 1,65,300 रुपये के नकली नोट मिले। जब मौके पर पकड़े गए 5,200 रुपये जोड़ दिए तो कुल नकली नोट 1,70,500 रुपये बन गए।
नोटों पर लगाते थे मिट्टी
अरोपियों ने नोटों पर मिट्टी लगाने की बात स्वीकार की। इससे नोट पुराने और चलन के नोटों जैसे दिखते थे। रानीतराई और पाटन साप्ताहिक बाजार में दंपती ने छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया। सब्जी मंडी, ठेले और छोटे दुकानदारों से नकली नोट लिया गया। जांच में कई व्यापारियों के पास भी ये नोट मिले।
यह कांड दिखाता है कि कैसे कर्ज और आसान ऑनलाइन जानकारी [यूट्यूब] कुछ लोगों को अपराध की ओर धकेल सकती है। छोटे व्यापारियों के सतर्क रहने से ही यह मामला उजागर हुआ।








