कोंडागांव: कथित शराब घोटाला मामले में करीब 13 महीने जेल में रहने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा जमानत पर रिहा होकर कोंडागांव पहुंचे। कोंटा विधायक के प्रथम आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भव्य शक्ति प्रदर्शन किया और बाइक रैली निकालकर उनका जोरदार स्वागत किया।
बुलेट पर सवार होकर पहुंचे रेस्ट हाउस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रायपुर नाका से लेकर रेस्ट हाउस तक ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ कवासी लखमा का स्वागत किया गया। इस दौरान एक दिलचस्प नजारा तब दिखा जब लखमा पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन मरकाम की बुलेट बाइक पर सवार होकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन करते नजर आए।
“जेल भेजकर बस्तर की आवाज नहीं दबा सकते”
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कवासी लखमा ने भावुक अंदाज में कहा कि भाजपा उन्हें जेल भेजकर बस्तर की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा, “आपका ‘दादी’ संबोधन मुझे ताकत देता है। जब तक सांस है, बस्तर के जल-जंगल-जमीन और संपदा की रक्षा के लिए लड़ता रहूंगा।” लखमा ने न्यायपालिका पर अपना पूरा भरोसा जताया।
विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
पूर्व मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। राहुल गांधी का नारा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता न कभी झुके थे और न कभी झुकेंगे। उन्होंने आजादी की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि जो अंग्रेजों से नहीं डरे, वे अब किसी से नहीं डरेंगे।
दिग्गज कांग्रेसियों का जमावड़ा
इस स्वागत कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मोहन मरकाम के साथ जिला अध्यक्ष रवि घोष और बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। रैली में महिला कार्यकर्ताओं और युवाओं की भी खासी मौजूदगी रही, जिन्होंने नारों के साथ लखमा का समर्थन किया।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
13 महीने बाद लखमा की सक्रिय राजनीति में वापसी से बस्तर संभाग में कांग्रेस को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, लखमा का यह शक्ति प्रदर्शन आगामी दिनों में बस्तर की राजनीति में गरमाहट ला सकता है।
कवासी लखमा अब अपने विधानसभा क्षेत्र कोंटा का दौरा करेंगे, जहां उनके स्वागत की बड़ी तैयारियां की गई हैं।








