जशपुर जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में एक घर है, जहां दिसंबर 2025 में ताले टूटे मिले। कमरे का कुंडा टूटा था और दीवान में रखी अटैची खाली थी। घर के लोगों को तब अंदाजा भी नहीं था कि चोरी का शक बाहर नहीं, घर के अंदर से निकलेगा।
कहां और किसके घर हुई चोरी?
यह मामला ग्राम केराडीह, रैनीडांड का है। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस इनपुट के मुताबिक, यह चोरी आरटीओ विभाग के एक अधिकारी के पुराने मकान में हुई थी। 6 दिसंबर 2025 को प्रार्थिया सुषमा निकुंज ने थाना नारायणपुर में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
क्या-क्या चोरी होने की बात सामने आई?
रिपोर्ट में बताया गया कि घर से करीब 15 लाख रुपये नकद, सोने की बिस्किट और अन्य जेवरात गायब थे। उस वक्त चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये से अधिक बताई गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया परिवार का रिश्ता?
पुलिस जांच के दौरान शक प्रार्थिया की भतीजी पर गया।पुलिस के अनुसार, भतीजी जशपुर में पढ़ाई के दौरान किराए के मकान में रहती थी और घटना से पहले घर आती-जाती थी। संदेह के आधार पर पूछताछ की गई।
पूछताछ में कबूलनामा?
पुलिस पूछताछ में भतीजी ने अपने बॉयफ्रेंड और दोस्तों के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की।
पुलिस के मुताबिक, चोरी की शुरुआत आईफोन खरीदने के लालच से हुई थी।
सबसे पहले 2 लाख रुपये नकद निकाले गए, फिर 3 लाख और चोरी किए गए।
धीरे-धीरे बढ़ता गया चोरी का दायरा?
जब शुरुआती रकम की भनक घरवालों को नहीं लगी, तो आरोपी ने घर में रखे सोने की बिस्किट और बड़ी रकम पर हाथ साफ किया। आरोपियो ने पुलिस को बताया कि अलग-अलग तारीखों में की गई चोरी की कुल रकम करीब 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
पार्टी, शराब और ऐशो-आराम में खर्च
पुलिस के अनुसार, चोरी की रकम आरोपी और उसके साथियों ने महंगी शराब, होटलों और पार्टियों में खर्च की। रायपुर और भिलाई में करीब तीन दिन तक पार्टी की गई, जिसमें लगभग 5 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई। कुछ सोना ओडिशा के राउरकेला में बेचा गया।
हैरियर कार तक पहुंची चोरी की कहानी
आरोपी अनिल प्रधान के बयान के मुताबिक, राउरकेला में सोने की बिस्किट बेचने के बाद मिली रकम से नकद में हैरियर कार खरीदी गई।पुलिस ने इस कार को भी जब्त किया है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को रांची के एक होटल से भतीजी और अनिल प्रधान को गिरफ्तार किया।।इसके बाद अन्य आरोपी अभिषेक इंद्रवार, लंकेश्वर बड़ाईक और अलीशा भगत को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
पुलिस का आधिकारिक दावा
एसएसपी शशि मोहन सिंह के अनुसार, पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नगद, सोने की बिस्किट, जेवरात, 1 आईफोन, 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक हैरियर कार बरामद की गई है। जब्त किए गए माल की कुल कीमत करीब 51 लाख 82 हजार 300 रुपये बताई गई है।
कहानी यहीं खत्म नहीं
पुलिस के मुताबिक, कुछ आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस मामले ने यह सवाल जरूर छोड़ा है कि घर के भीतर का भरोसा कब और कैसे अपराध में बदल गया, इसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

















