रायपुर: चाइनीज मांझे के मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित और सख्त रुख अपनाया है। इससे जुड़े सामने आने वाले हादसों को गंभीरता से लेते हुए CM ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न हो।
नगर निगम मैदान में उतरा, दुकानों पर औचक जांच
CM के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। रायपुर नगर निगम की टीम ने सोमवार को जोन-1 और जोन-5 में पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिलने पर उसे तुरंत जब्त किया गया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। निरीक्षण के समय वार्ड पार्षद सोहन साहू और जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमराज देवांगन मौजूद रहे।
CM का स्पष्ट संदेश: प्रतिबंध का सख्ती से पालन हो
“मकर संक्रांति पर्व के आसपास चीनी मांझों से होने वाली दुर्घटनाओं के समाचार चिंताजनक हैं। पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ बनाएं। चीनी मांझे का प्रयोग बिल्कुल न करें। यह प्रतिबंधित है।” — CM विष्णुदेव साय “सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन हो। इस संबंध में व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित हो, इसके निर्देश भी दिए गए हैं।”
निर्देश से आगे कार्रवाई तक, CM की प्रशासनिक सक्रियता
इस मामले में CM विष्णुदेव साय की सक्रियता साफ दिखती है। उन्होंने न सिर्फ घटनाओं पर संज्ञान लिया, बल्कि प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का पालन जमीन पर दिखना चाहिए।
हादसा जिसने सख्ती की जरूरत उजागर की
रविवार को राजधानी रायपुर के लाखेनगर इलाके में चाइनीज मांझे की वजह से एक महिला घायल हो गई थी। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ता हुआ मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने की कोशिश में उनके होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए और वह लहूलुहान हो गई।
निगरानी जारी, आगे भी रहेगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि चाइनीज मांझे के खिलाफ निगरानी और सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रतिबंध के उल्लंघन पर तुरंत जब्ती और दंड की कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।












