छिंदवाड़ा। कड़कड़ाती ठंड में जहां पानी छूने में डर लगता है, वहीं छिंदवाड़ा के तामिया विकासखंड में एक ऐसा कुंड है जहां जमीन से उबलता हुआ पानी निकलता है। ग्राम पंचायत अनहोनी में आगामी 10 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक सुप्रसिद्ध ‘अनहोनी मेला’ आयोजित होने जा रहा है। इस कुंड की खासियत यह है कि इसमें चावल की पोटली डालने पर वह बिना आग के पक जाता है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर लगने वाले इस 8 दिवसीय मेले में छिंदवाड़ा समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे।
चमत्कार या विज्ञान?
लोग इसे दैवीय चमत्कार मानते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का नजरिया अलग है। कृषि व मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर संत कुमार शर्मा के अनुसार “जमीन के नीचे गंधक यानी सल्फर [एक प्रकार का खनिज तत्व] की अधिक मात्रा होने के कारण पानी प्राकृतिक रूप से गर्म होकर बाहर निकलता है।” यही वजह है कि इस कुंड में स्नान करने से चर्म रोगों [त्वचा या स्किन की बीमारियां] में काफी लाभ मिलता है। इसी ‘असंभव’ लगने वाली घटना के कारण इस गांव का नाम ‘अनहोनी’ पड़ा है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश: पार्किंग से लेकर अलाव तक की तैयारी
मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने हाई-लेवल मीटिंग ली है। उन्होंने पुलिस विभाग को ट्रैफिक कंट्रोल [यातायात नियंत्रण] और भीड़ प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। वन विभाग को रात के समय अलाव [तापनी] जलाने और फॉरेस्ट गार्ड तैनात करने को कहा गया है ताकि जंगली इलाके में सुरक्षा बनी रहे। बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मेले में निर्बाध [बिना रुके] बिजली सप्लाई मिले और झूलते तारों को तुरंत ठीक किया जाए।
श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम: एम्बुलेंस और पेयजल व्यवस्था
पंचायत और स्वास्थ्य विभाग ने मेले के लिए चाक-चौबंद तैयारी की है। अनहोनी सरपंच हुलकर शाह के अनुसार, पूर्वजों के समय से चले आ रहे इस कुंड को अब कंक्रीट से सुरक्षित कर लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि मेले में मेडिकल टीम और एम्बुलेंस तैनात रहेगी। साथ ही, PHE विभाग [लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग] को साफ पीने के पानी की जिम्मेदारी दी गई है और शौचालयों की ऐसी व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि किसी को भी खुले में शौच न करना पड़े।
एमपी टूरिज्म का विजन: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
अनहोनी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के धार्मिक पर्यटन [Religious Tourism] विजन का एक अहम हिस्सा है। घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता से घिरे इस क्षेत्र को टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकार चाहती है कि पचमढ़ी और तामिया आने वाले पर्यटक इस अनूठे ‘गर्म कुंड’ का अनुभव भी जरूर लें। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कहा: “हमारी प्राथमिकता यह है कि मेले में आने वाले किसी भी नागरिक को असुविधा न हो। साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और सुरक्षा के लिए अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है।”








