रायपुर : छत्तीसगढ़ के मेधावी [Meritorious – प्रतिभाशाली] छात्र-छात्राओं के लिए शुक्रवार का दिन खुशियों भरा रहा। रायपुर के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बोर्ड परीक्षाओं के 239 टॉपर्स को सम्मानित किया। सरकार ने हर विद्यार्थी के खाते में डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की सम्मान राशि भेजी है।
2024 और 2025 के सितारों का हुआ संगम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समारोह में साल 2024 और 2025 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप-10 में जगह बनाने वाले विद्यार्थियों को बुलाया गया था।
सम्मानित छात्र: साल 2024 के 110 और साल 2025 के 129 विद्यार्थी शामिल रहे।
पदक और प्रमाण पत्र: मेरिट लिस्ट में पहले स्थान पर रहे छात्रों को गोल्ड मेडल और दूसरे स्थान वालों को सिल्वर मेडल के साथ प्रशस्ति पत्र [Appreciation Letter – तारीफ की चिट्ठी] दिया गया।
विशेष सम्मान: विशेष पिछड़ी जनजाति के उन छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया जिन्होंने अपने वर्ग में टॉप किया है।
“असफलता से डरो मत, गिरकर संभलना ही जीत है”
राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए बड़े काम की बात कही। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा तो बस पहली सीढ़ी है। उन्होंने सलाह दी कि अगर कोई छात्र IIT या NEET में सफल नहीं हो पाता, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि करियर के और भी कई बड़े रास्ते खुले हैं। राज्यपाल ने बच्चों से कहा कि सपने बड़े देखो और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी साधना करो।
CM साय ने दिया सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बसंत पंचमी की बधाई देते हुए कहा कि ये छात्र ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। उन्होंने बच्चों को याद दिलाया कि इस सफलता के पीछे उनके शिक्षकों और माता-पिता का बड़ा संघर्ष और आशीर्वाद है। सीएम ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें देश की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार रहने को कहा।
शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी: खाते में पहुंची राशि
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि सभी 239 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन [Encouragement – बढ़ावा देना] के रूप में डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर (DBT) कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आर्थिक मदद से बच्चों को आगे की पढ़ाई में आसानी होगी और दूसरे छात्र भी मेहनत करने के लिए प्रेरित होंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ता छत्तीसगढ़
राज्यपाल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि ‘धान का कटोरा’ कहा जाने वाला हमारा छत्तीसगढ़ अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के बच्चों का शिक्षा में आगे बढ़ना राज्य के लिए गौरव की बात है। यह आयोजन उन हजारों छात्रों के लिए एक मिसाल है जो अपनी कड़ी मेहनत से अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं।







