रायपुर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने हर साल की तरह इस साल भी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं से पहले छात्र-छात्राओं और पालकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘हेल्पलाइन सेंटर’ की शुरुआत की है। 5 फरवरी से शुरू हुआ यह सेंटर 18 फरवरी तक पहले चरण में अपनी सेवाएं देगा।
परीक्षा के डर और मानसिक दबाव पर फोकस
माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि बोर्ड ऑफिस में संचालित इस हेल्पलाइन डेस्क पर अब तक 250 से ज्यादा बच्चों और पालकों के कॉल आ चुके हैं। छात्र अक्सर फेल होने के डर और माता-पिता की डांट-फटकार से होने वाले मानसिक दबाव को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। वहीं, पालक बच्चों के पढ़ाई न करने और कठिन विषयों (गणित, केमिस्ट्री) को लेकर उनकी घबराहट पर चिंता जता रहे हैं।
विषय विशेषज्ञ और मनोवैज्ञानिकों की तैनाती
हेल्पलाइन सेंटर की खास बात यह है कि यहाँ केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि मनोरोग विशेषज्ञ (Psychologists) भी मौजूद रहते हैं।
विषय विशेषज्ञ: गणित, विज्ञान जैसे कठिन विषयों में ब्लूप्रिंट और प्रश्न पत्रों के पैटर्न से जुड़े ‘कन्फ्यूजन’ को दूर करते हैं।
मनोरोग विशेषज्ञ: परीक्षा के डर (Exam Phobia) को कम करने और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए काउंसलिंग करते हैं।
हेल्पलाइन स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य
पुष्पा साहू के अनुसार, बोर्ड परीक्षा शुरू होने के 15 दिन पहले इस केंद्र को शुरू करने का मकसद छात्रों के भीतर के डर को खत्म करना है। बच्चों को विषय से संबंधित जो भी कठिनाई होती है या परीक्षा को लेकर जो मानसिक तनाव रहता है, उसे विशेषज्ञ अपनी उचित सलाह से दूर करते हैं। इसके साथ ही, पालकों को भी बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसकी जानकारी दी जाती है।
हेल्पलाइन डेस्क की प्रमुख बातें:
- संचालन अवधि: 5 फरवरी से 18 फरवरी (प्रथम चरण)।
- समय: परीक्षाओं के पूर्व होने वाले मानसिक तनाव और विषय संबंधी शंकाओं का समाधान।
- परामर्श: बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों के लिए भी काउंसलिंग की सुविधा।
- जरूरत: गणित, रसायन शास्त्र (Chemistry) जैसे विषयों को लेकर छात्रों में सबसे अधिक डर देखा गया है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की यह पहल हर साल हजारों छात्रों के लिए मददगार साबित होती है, जिससे वे बिना किसी डर के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें।








