छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में साधु के भेष में घूम रहे एक व्यक्ति को स्थानीय लोगों ने शक के आधार पर रोका। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति भगवा कपड़े पहनकर घर-घर भीख मांग रहा था। पूछताछ के बाद उसकी पहचान उत्तर प्रदेश निवासी एक मुस्लिम युवक के रूप में सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
पुलिस के मुताबिक, यह व्यक्ति साधु के भेष में इलाके में घूम रहा था और तंबूरा बजाकर “राम-राम” और “जय श्रीराम” जैसे भजन गा रहा था। बताया गया कि वह कुछ समय से दरगाह में रुका हुआ था और बिना किसी एंट्री के वहां ठहरा था। दरगाह से भगवा कपड़े पहनकर बाहर निकलते समय कुछ लोगों को उसके हाव-भाव पर शक हुआ।
लोगों को हुआ शक, रोका गया व्यक्ति
स्थानीय लोगों ने शक के आधार पर व्यक्ति को रोका और उससे बातचीत की। लोगों ने उससे कुछ सामान्य धार्मिक सवाल पूछे, जिनका वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उससे गायत्री मंत्र सुनाने को कहा गया। इस दौरान वह घबरा गया और रोने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को दी।
पुलिस के हवाले किया गया
जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और व्यक्ति को जामुल थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे थाने लाकर पूछताछ शुरू की। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में व्यक्ति ने पहले अपना नाम यादव बताया, लेकिन बाद में उसने अपना नाम हवलदार और पिता का नाम मुस्तफा बताया।
पुलिस का पक्ष और जांच की स्थिति
छावनी सीएपी प्रशांत कुमार ने बताया कि पूछताछ में व्यक्ति ने खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला और मुस्लिम बताया है। पुलिस के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि वह अकेले इस तरह साधु का भेष बनाकर भीख मांग रहा था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसका उद्देश्य सिर्फ भीख मांगना था या वह किसी अन्य गतिविधि में शामिल रहा है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल व्यक्ति से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। मामले को लेकर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।












