रायपुर: शहर की मौदहापारा थाना पुलिस ने ऑनलाइन फाइनेंस और प्री-अप्रूव्ड लोन के नाम पर व्यापारियों को चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। ताज्जुब की बात यह है कि आरोपी केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ा है, लेकिन उसने डिजिटल बैंकिंग और फाइनेंस ऐप्स के जरिए कई व्यापारियों से लाखों की धोखाधड़ी की।
दोस्ती कर जीतता था भरोसा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी मुदित पाठे व्यापारियों से पहले दोस्ती करता था। इसके बाद वह उन्हें विभिन्न ऑनलाइन फाइनेंस ऐप्स, कैशबैक ऑफर और इन्वेस्टमेंट स्कीम्स में भारी मुनाफे का लालच देता था। भरोसा जीतने के लिए वह शुरुआत में कुछ लोगों को छोटा फायदा भी दिलाता था, ताकि बाद में उनसे बड़ी रकम ऐंठी जा सके।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से गिरफ्तारी
रायपुर सेंट्रल जोन के डीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर थी। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और आरोपी को मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से धर दबोचा।
कोविड के बाद शुरू किया अपराध का रास्ता
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। उसके पिता इंश्योरेंस सेक्टर में थे, लेकिन कोविड काल में आर्थिक तंगी के कारण वह रायपुर आ गया। यहां उसने इंटरनेट और पोर्टल के जरिए फाइनेंस सेक्टर की बारीकियां सीखीं और फिर इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल ठगी के लिए करने लगा।
12 से ज्यादा बैंक कार्ड और चेकबुक बरामद
पुलिस ने आरोपी को तब पकड़ा जब वह ट्रेन से दूसरे शहर भागने की फिराक में था। तलाशी के दौरान उसके पास से 12 से अधिक बैंक डेबिट और क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आरोपी ठगी के पैसों को पकड़े जाने के डर से अलग-अलग डिजिटल वॉलेट और खातों में ट्रांसफर कर देता था।
BNS की धाराओं में केस दर्ज
आरोपी मुदित पाठे के खिलाफ मौदहापारा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क में क्या कोई और भी शामिल है और आरोपी ने अब तक कुल कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
रायपुर पुलिस ने व्यापारियों और आम जनता को आगाह किया है कि किसी भी अनजान ऐप या अनधिकृत व्यक्ति के माध्यम से ‘प्री-अप्रूव्ड लोन’ के झांसे में न आएं।







