रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा से पांच बार के विधायक कवासी लखमा करीब एक साल बाद विधानसभा की कार्यवाही में नजर आएंगे। शराब घोटाला मामले में जेल में रहे लखमा को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में शामिल होने की सशर्त अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद लखमा फिलहाल ओडिशा के मलकानगिरी में किराये के मकान में रह रहे हैं।
SC की शर्त: राज्य से बाहर रहने का निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद लखमा लंबे समय तक जेल में रहे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत देते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया था। इसी आदेश के पालन में लखमा छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ओडिशा के मलकानगिरी जिले में रह रहे हैं। कोर्ट ने उनकी सदन में उपस्थिति का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष के विवेक पर छोड़ दिया था।
इन सख्त शर्तों का करना होगा पालन
विधानसभा अध्यक्ष ने लखमा को सदन में आने की इजाजत तो दी है, लेकिन इसके साथ कड़े नियम भी लागू किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लखमा को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा:
भाषण पर रोक: लखमा सत्र के दौरान कोई औपचारिक स्पीच (भाषण) नहीं दे सकेंगे।
केस पर टिप्पणी नहीं: वे अपने कानूनी मामले या जांच से जुड़ी कोई भी टिप्पणी सदन के भीतर या बाहर नहीं करेंगे।
सीमित आवाजाही: वे केवल बजट सत्र की कार्यवाही के लिए रायपुर आएंगे। उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र कोंटा या राज्य के अन्य हिस्सों में जाने की अनुमति नहीं होगी।
जानकारी साझा करना: विधानसभा सत्र के दौरान अपने आने-जाने के समय और स्थान की पूरी जानकारी उन्हें विधानसभा सचिव को देनी होगी।
नियम उल्लंघन पर एक्शन: यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो सदन में शामिल होने की अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।
बजट सत्र की चर्चा में ले सकेंगे भाग
हालांकि लखमा को भाषण देने की अनुमति नहीं है, लेकिन वे बजट पर होने वाली चर्चाओं और विधायी कार्यों में हिस्सा ले सकेंगे। शर्त यह है कि वे अपने केस या आरोपों का जिक्र फर्श (Floor of the House) पर नहीं करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह फैसला न्यायिक गरिमा और लोकतांत्रिक कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाने के लिए लिया गया है।
एक साल का वनवास और अब वापसी
कवासी लखमा को अप्रैल 2025 में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था। तब से वे रायपुर सेंट्रल जेल में थे। फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब वे पहली बार सदन में उपस्थित होंगे। 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी और 24 फरवरी को वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे।












