कोरिया : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। वसंतोत्सव के अवसर पर प्राकृतिक वादियों के बीच ‘द जंगल कैफे’ का भव्य शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने इस कैफे का उद्घाटन कर इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर बताया।
जंगल के बीच सुकून का अनुभव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कैफे पूरी तरह से प्राकृतिक वातावरण के बीच विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाना और उन्हें एक अलग अनुभव प्रदान करना है। उद्घाटन के बाद कौशल्या साय ने कैफे का मुआयना किया और इसकी सुंदरता व परिकल्पना की सराहना की।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
‘द जंगल कैफे’ के शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। कौशल्या साय ने कहा कि पर्यटन के विकास से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय लोगों को इस प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर जोड़ा जा रहा है, जिससे पलायन जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगेगी।
जमीनी स्तर पर दिख रही सरकारी योजनाएं
इस अवसर पर कौशल्या साय ने जिला प्रशासन और कलेक्टर की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाएं अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उनका असर दिख रहा है। प्रशासनिक टीम और शासन के तालमेल से विकास कार्यों को गति मिल रही है।
वसंतोत्सव में स्व-सहायता समूहों का जलवा
वसंतोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तशिल्प और स्थानीय खाद्य उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने इन उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई, जिससे ग्रामीण पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिला।
पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान
प्रशासन का मानना है कि ‘द जंगल कैफे’ जैसे नवाचारों से कोरिया जिले को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। आने वाले समय में यहां बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
उद्घाटन समारोह में क्षेत्रीय विधायक और जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। इस पहल को क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








