उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर चर्चा में है। इस बार खबर धार्मिक सौहार्द [Harmony] की है, जिसने सबको चौंका दिया है। शिप्रा नदी के किनारे एक दरगाह परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किए जाने की अनोखी घटना सामने आई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरगाह में क्यों हुआ हनुमान चालीसा का पाठ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह unusual [असामान्य] घटना शिप्रा नदी पर रामघाट के पास स्थित मौलाना मौज दरगाह में हुई। एक हिंदू संत, जिन्हें बम बम भोले बाबा के नाम से जाना जाता है, अपने शिष्यों के साथ दरगाह परिसर में पहुंचे और वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान दरगाह में मुस्लिम समाज के कई लोग भी मौजूद थे।
कब हुआ यह unusual आयोजन?
यह पूरा आयोजन बीते शुक्रवार को किया गया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को हनुमान अष्टमी का मौका था, जिसके चलते संत बम बम भोले बाबा ने यह पाठ कराया।
अनुमति को लेकर क्या है confusion?
घटना को लेकर एक दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संत समाज की तरफ से दरगाह के लोगों से कव्वाली करने और चादर चढ़ाने की permission [अनुमति] मांगी गई थी, जो उन्हें दे दी गई थी। हालांकि, यह दावा किया जा रहा है कि हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा, इसकी जानकारी दरगाह प्रबंधन को पहले से नहीं दी गई थी।
मौके पर कैसा था माहौल?
हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान पूरे दरगाह परिसर में बिल्कुल शांत और आपसी भाईचारे का माहौल देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों community [समुदाय] के लोगों के बीच भाईचारा दिखाई दिया और किसी भी तरह का communal tension [सांप्रदायिक तनाव] मौके पर नहीं हुआ। बड़ी बात यह है कि यह आयोजन बिना किसी पुलिस सुरक्षा के दरगाह के अंदर किया गया था।
क्यों हो रही है सोशल मीडिया पर चर्चा?
इस आयोजन से जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग इसे उज्जैन की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सद्भावना की एक मिसाल के रूप में देख रहे हैं। यह unusual [असामान्य] इवेंट लोगों का ध्यान खींच रहा है।
कौन हैं बम बम भोले बाबा?
इस पूरे आयोजन के केंद्र में रहे संत का नाम बम बम भोले बाबा बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना को लोग चमत्कार भी मान रहे हैं क्योंकि बाबा खुद पाठ के दौरान मौजूद थे। दावा किया जाता है कि ये बाबा चमत्कारिक हैं और पहले भी वह कई और दरगाहों पर इस प्रकार के आयोजन कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि बाबा आम तौर पर लोगों से मिलते नहीं हैं और देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर घूमते हुए दिख जाते हैं।
घटना से क्या message जा रहा है?
इस पूरे घटनाक्रम को समाज में एक positive message [सकारात्मक संदेश] के रूप में देखा जा रहा है। यह बिना किसी तनाव के धार्मिक activity [गतिविधि] का होना, भारत की secular [धर्मनिरपेक्ष] और आपसी सम्मान वाली culture [संस्कृति] को दिखाता है। यह स्थिति बताती है कि लोग धार्मिक differences [अंतरों] के बावजूद एक साथ peaceful [शांतिपूर्ण] तरीके से रह सकते हैं।












