रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नए साल के जश्न के बीच एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। 1 जनवरी 2026 की रात, 34 साल के आरोपी पति सेतु चौहान ने अपनी पत्नी निशा चौहान की धारदार हथियार से गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय खुद जूटमिल थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर सरेंडर [Surrender – पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना] कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
शक की आग ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि सेतु चौहान को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह [Doubt – किसी के व्यवहार पर शक होना] था। उसे लगता था कि उसकी पत्नी का किसी दूसरे युवक के साथ अफेयर [Affair – प्रेम संबंध] है। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। 1 जनवरी की रात करीब 8 बजे जब पूरी दुनिया नए साल की खुशियां मना रही थी, तब इस विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया।
सुनसान सड़क पर दिया वारदात को अंजाम
आरोपी सेतु, जो मूल रूप से पुसौर के नवापारा का रहने वाला है, अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ चमड़ा गोदाम इलाके में किराए पर रहता था। वह अपनी पत्नी को बहला-फूसलाकर सांगीतराई से बनसिया रोड की ओर ले गया। वहां उसने बकरा काटने वाले तेज धारदार हथियार से निशा के गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना घातक था कि निशा की मौके पर ही मौत हो गई।
खुद थाने पहुंचकर दी जानकारी
हत्या के बाद आरोपी सीधा थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल टीम भेजी तो मौके पर निशा की खून से लथपथ लाश बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी जब्त कर लिया है। यह पूरी घटना समाज में बढ़ती हिंसा और आपसी अविश्वास की ओर इशारा करती है।
पुलिस की कार्रवाई और विजन
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच तेज कर दी है। जूटमिल थाना पुलिस का कहना है—
“आरोपी ने खुद आकर सरेंडर किया है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पारिवारिक विवाद और शक की वजह से यह मर्डर [Murder – हत्या] हुआ है। हम दोनों पक्षों के परिजनों से पूछताछ कर रहे हैं।” यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सुरक्षित समाज’ के विजन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जहां घरेलू हिंसा और शक की वजह से मासूम बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है।












