गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के प्रयास के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पेंड्रारोड स्थित विशेष अपर सत्र न्यायालय ने 40 वर्षीय आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
न्योता कार्यक्रम के बहाने ले गया था आरोपी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरी घटना 25 सितंबर 2024 की है। गौरेला थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला 40 साल का आरोपी, पड़ोस की ही एक नाबालिग लड़की को गांव के एक कार्यक्रम (न्योता) में ले जाने का बहाना बनाकर घर से साथ ले गया था।
रास्ते में की अश्लील हरकत और धमकी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे जब आरोपी नाबालिग को लेकर सुनसान रास्ते से गुजर रहा था, तब उसने पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। जब लड़की ने विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और किसी को न बताने के लिए डराया।
पीड़िता की बहादुरी से बची जान
घटना के दौरान नाबालिग ने हिम्मत नहीं हारी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता ने बचाव में आरोपी के हाथ को अपने दांतों से जोर से काट लिया। दर्द की वजह से आरोपी की पकड़ ढीली हुई और पीड़िता वहां से भागने में सफल रही। अगले दिन उसने परिजनों को पूरी बात बताई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
परिजनों की शिकायत पर गौरेला थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अपराधी किस्म का है और कुछ महीने पहले ही एक अन्य मामले में जेल से छूटा था।
कोर्ट का सख्त फैसला और जुर्माना
विशेष अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 9(ढ) और 10 के तहत 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, कोर्ट ने दोषी पर ₹2000 का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी
अदालत में इस मामले की पैरवी शासन की ओर से विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने की। उन्होंने पीड़िता के बयान और सबूतों को मजबूती से रखा, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाकर समाज में एक कड़ा संदेश दिया है।









