बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक ग्रामीण के साथ मारपीट और उसकी मौत के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। कुसमी में पदस्थ तत्कालीन एसडीएम (SDM) करुण डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोपी अधिकारी फिलहाल न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं।
अवैध खनन की जांच के दौरान हुई थी मारपीट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा मामला कोरंधा थाना क्षेत्र के हंसपुर गांव का है। एसडीएम करुण डहरिया अपनी टीम के साथ गांव में अवैध बॉक्साइट खनन और परिवहन की सूचना पर जांच करने पहुंचे थे। आरोप है कि जांच के दौरान एसडीएम ने तीन ग्रामीणों के साथ मारपीट की, जिसमें 62 वर्षीय रामनरेश की मौत हो गई।
एसडीएम समेत 4 लोग भेजे गए जेल
ग्रामीण की मौत के बाद मामला गरमा गया और पुलिस ने एसडीएम करुण डहरिया समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिसमें हत्या (धारा 103-1) भी शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रामानुजगंज जिला जेल भेज दिया गया है।
निलंबन और अंबिकापुर अटैचमेंट
शासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, करुण डहरिया को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभाग आयुक्त कार्यालय, अंबिकापुर तय किया गया है। नियमानुसार उन्हें इस अवधि में केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासनिक सख्ती
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंसपुर गांव की इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। प्रशासनिक हल्कों में भी इस कार्रवाई को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह उच्च पद पर बैठा अधिकारी ही क्यों न हो।













