रामानुजगंज: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में इन दिनों ’37वां सड़क सुरक्षा माह’ मनाया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात [Traffic – सड़क पर वाहनों का आवागमन] और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल बसों और वैन की फिटनेस की जांच के लिए बड़ा अभियान छेड़ा है।
तीन जोन में बंटकर हो रही बसों की जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभाग ने पूरे जिले को तीन जोन—रामानुजगंज, शंकरगढ़ और वाड्रफनगर में बांट दिया है। इन तीनों इलाकों में अधिकारी खुद स्कूलों में पहुंचकर बसों के मानकों की जांच कर रहे हैं। इस दौरान ड्राइवर को हिदायत दी गई है कि वे बच्चों को लाने-ले जाने के दौरान गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें।
22 गाड़ियों की चेकिंग और चालानी कार्रवाई
जिला यातायात प्रभारी विमलेश देवांगन ने बताया कि रविवार को कुल 22 स्कूली वाहनों की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने और पीयूसी [Pollution Under Control – प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र] न होने पर दो वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की गई। शंकरगढ़ और वाड्रफनगर में भी आरटीओ [Regional Transport Office – क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय] अधिकारियों की टीम लगातार सक्रिय है।
नशे में गाड़ी न चलाने की दिलाई शपथ
जागरूकता अभियान के तहत लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए संकल्प दिलाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों को शराब पीकर गाड़ी न चलाने, दुपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने और फोर-व्हीलर में सीट बेल्ट लगाने की शपथ दिलाई गई है।
सुरक्षित सफर के लिए कड़े निर्देश
विभागीय कर्मचारी बसों के फिटनेस टेस्ट के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि गाड़ियां सभी सरकारी मानकों को पूरा करें। अधिकारियों का कहना है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यह चेकिंग अभियान पूरे महीने जारी रहेगा। सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य आम जनता को सड़क पर चलने के कायदे सिखाना और हादसों में कमी लाना है।







