बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अंतिम दौर के बीच बिचौलियों और अवैध परिवहन [Illegal Transport – बिना अनुमति के माल ढोना] करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में संयुक्त जांच टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 7 लाख रुपए से अधिक कीमत का 313 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है।
कागजात नहीं दिखा पाया ट्रक ड्राइवर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाटापारा की जांच टीम ने संदिग्ध लगने पर ट्रक क्रमांक CG07BU1916 को रोककर तलाशी ली। ट्रक में भारी मात्रा में धान भरा हुआ था। जब टीम ने ड्राइवर से धान की खरीदी या परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी वैध कागज पेश नहीं कर सका। पूछताछ में अवैध परिवहन की बात सामने आने पर टीम ने धान जब्त कर भाटापारा मंडी को सौंप दिया।
मंडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पकड़े गए 313 क्विंटल धान की अनुमानित कीमत 7 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। इस मामले में ‘कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972’ के तहत केस दर्ज किया गया है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिले में अवैध धान के भंडारण [Storage – इकट्ठा करना] और बिचौलियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं।
उपार्जन केंद्र के बाहर भी हुई कार्रवाई
जांच का दायरा केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। लवन तहसील के सीरियाडीह धान उपार्जन केंद्र [Procurement Center – सरकारी खरीदी केंद्र] के निरीक्षण के दौरान केंद्र के बाहर एक ट्रैक्टर से 29 बोरी अवैध धान पकड़ा गया। हंसुराम नाम के व्यक्ति से यह धान जब्त कर ग्राम पंचायत सचिव की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग तेज
एक तरफ प्रशासन अवैध धान रोक रहा है, तो दूसरी तरफ असली किसान और विपक्षी दल कांग्रेस धान खरीदी की तारीख 31 जनवरी से आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय कम होने के कारण कई लोगों का धान अब भी केंद्रों तक नहीं पहुंच पाया है।
रकबा समर्पण और भौतिक सत्यापन
कलेक्टर के आदेश पर केंद्रों में मौजूद धान का भौतिक सत्यापन [Physical Verification – मौके पर जाकर गिनती करना] भी किया जा रहा है। जांच के दौरान जिन किसानों के रिकॉर्ड में धान कम पाया जा रहा है, उनका अतिरिक्त रकबा [Acreage – खेती की जमीन का माप] समर्पित कराया जा रहा है ताकि फर्जी तरीके से सरकारी लाभ न लिया जा सके।







