सुकमा: जिले में पूना मार्गेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान के तहत 7 महिला कैडर सहित 26 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण करने वाले ये कैडर PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और आंध्र–ओडिशा सीमा (AOB) क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं. इन पर कुल 64 लाख का इनाम घोषित है.
नक्सल संगठन में बड़े रैंक पर थे: पुनर्वास करने वाले नक्सलियों में CYPCM, DVCM, PPCM, ACM और पार्टी सदस्य जैसे वरिष्ठ और प्रभावशाली रैंक शामिल हैं. ये सुकमा, माड़ और सीमावर्ती ओडिशा में हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं. इसके बावजूद इन सभी ने हिंसा के रास्ते से हटकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया.
बड़े इनामी और कमांडर स्तर के नक्सली
लाली उर्फ मुचाकी आयते – 10 लाख की इनामी, सीआरसी कंपनी की डिप्टी कमांडर
वर्ष 2017 में सोनाबेड़ा–कोरापुट मार्ग पर हुए आईईडी विस्फोट में शामिल, जिसमें 14 जवान शहीद हुए थे
हेमला लखमा – 8 लाख की इनामी, प्लाटून कमांडर
वर्ष 2020 में मिनपा जंगल मुठभेड़ में शामिल, जिसमें 17 पुलिस जवान शहीद हुए थे
मुचाकी संदीप उर्फ हिड़मा – 5 लाख का इनामी, पूर्व एलओएस कमांडर
टेकलगुड़ा (2021) और जगरगुंडा (2023) एम्बुश में शामिल, जिनमें कुल 25 जवान शहीद हुए
मड़कम चैते उर्फ मंगली – 5 लाख की इनामी, जगरगुंडा एरिया केएमएस अध्यक्ष
नए सुरक्षा कैंप हो रहे स्थापित: पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल के वर्षों में अति संवेदनशील इलाकों में लगातार नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना हो रही है. अभियानों और नक्सली ठिकानों पर बढ़ते दबाव से संगठन कमजोर हुआ है. जंगलों के भीतर जहां कभी नक्सलियों का प्रभाव था, वहां अब सुरक्षा बलों की नियमित मौजूदगी और विकास योजनाओं की पहुंच ने हालात बदल दिए हैं. सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं ने लोगों के साथ-साथ नक्सली कैडरों की सोच को भी प्रभावित किया है.
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की लिस्ट
01 लाली उर्फ मुचाकी आयते
पद-सीआरसी कम्पनी 03, प्लाटून 02 डिप्टी कमाण्डर/सीवायपीसीएम
इनाम-10 लाख
साल 2017 में ग्राम सोनाबेड़ा से कोरापुट मार्ग पर सुरक्षा बलों के वाहन को आईईडी विस्फोट की घटना में शामिल था, जिसमें 14 जवान शहीद हुए
02 हेमला लखमा
पद – प्लाटून नंबर 04 का कमाण्डर/DVCM
इनाम- 08 लाख
साल 2020 में ग्राम मिनपा के जंगल में पुलिस नक्सली मुठभेड़ की घटना में शामिल रहा, जिसमें 17 पुलिस जवान शहीद हुए.
03 आसमिता उर्फ कमलू सन्नी
03 आसमिता उर्फ कमलू सन्नी
पद-कम्पनी नंबर 07 की पार्टी सदस्या
इनाम- 08 लाख
04 रामबत्ती उर्फ संध्या उर्फ पदाम जोगी
पद- कम्पनी नंबर 07 की पार्टी सदस्या
इनाम-8 लाख
05 सुण्डाम पाले
पद- पीएलजीए बटालियन नंबर 01 कम्पनी नंबर 01 सेक्शन बी (पार्टी सदस्य)
इनाम-8 लाख
06 निलेश उर्फ हेमला भीमा
पद- दरभा डिवीजन कृषि टीम कमाण्डर/एसीएम
इनाम-5 लाख
07 मुचाकी संदीप उर्फ हिड़मा
पद- पूर्व सिलगेर एलओएस कमांडर/एसीएम
इनाम-5 लाख
साल 2021 में टेकलगुड़ा में एम्बुश लगाकर पुलिस गस्त पार्टी पर फायरिंग करने की घटना में शामिल में रहा है, जिसमें 22 जवान शहीद हुए.
साल 2023 थाना जगरगुण्डा क्षेत्र में पुलिस पार्टी पर एम्बुश लगाकर फायरिंग करने की घटना में शामिल रहा, जिसमें 03 जवान शहीद हुए.
08 मड़कम चैते उर्फ मंगली
पद- जगरगुण्डा एरिया केएमएस अध्यक्षा/एसीएम
इनाम- 05 लाख
09 ताती सोमडू
पद-बैयमपल्ली आरपीसी मिलिशिया कमांडर
इनाम-03 लाख
10 मुचाकी देवा
पद- बेड़मा आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष
इनाम- 02 लाख
11 सरिता उर्फ इरपा
पद- बासागुड़ा एलओएस पार्टी सदस्या
इनाम- 01 लाख
12 वेट्टी मासा उर्फ वासु
पद- एओबी/सीसी उदय दादा का गार्ड सदस्य
इनाम-01 लाख
13 हेमला दशरू उर्फ अजय
पद – गढ़चिरौली एसजेडसीएम गिरधर का गार्ड सदस्य(पार्टी सदस्य)
इनाम- 01 लाख
14 विजय मुचाकी
पद – गोमपाड़ आरपीसी सीएनएम सदस्य
15 आकाश मुचाकी
पद – गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य
16 मड़कम/मुचाकी
पद- गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्या
17 मिड़ियम सुरेश
पद- बेड़मा आरपीसी आर्थिक शाखा अध्यक्ष
18 मुचाकी बुधरा
पद – गोमपाड़ आरपीसी उपाध्यक्ष $ कृषि कमेटी अध्यक्ष
19 मुचाकी मुड़ा
पद – गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य
20 माड़वी हड़मा
पद- जोन्नागुड़ा आरपीसी मिलिशिया सदस्य
21 माड़वी सुक्का उर्फ रवि
पद- गोमपाड़ आरपीसी जंगल कमेटी अध्यक्ष
22 मड़कम हुंगा
पद- गोमपाड़ आरपीसी मिलिषिया सदस्
23 सुण्डम राजू
पद- बैयमपल्ली आरपीसी डीएकेएमएस उपाध्यक्ष
24 वेट्टी बुधू
पद-बैयमपल्ली आरपीसी मिलिशिया सदस्य
25 गोंचे उर्फ मड़कम
पद-ग्राम मड़पेदुलेड़ डीएकेएमएस सदस्य, मेट्टागुड़ा आरपीसी आर्थिक शाखा अध्यक्ष
26 माड़वी भीमा उर्फ तामो भीमा
पद-बेड़मा आरपीसी मिलिशिया सदस्य
अभियान दे रहा लोगों को भरोसा: पूना मार्गेम अभियान का सबसे अहम पहलू भरोसा है जिससे लोगों का भय और भ्रम दूर हो रहा है. इस अभियान के तहत नक्सली कैडरों को भी यह विश्वास दिलाया गया कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें केवल कानूनी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत भी मिलेगी. यही कारण है कि संगठन में वर्षों तक सक्रिय रहे कैडर, जिनमें महिलाएं और युवा शामिल हैं, आज हिंसा को पीछे छोड़ने के लिए आगे आए.
पूना मार्गेम अभियान बस्तर में बदलाव का सशक्त माध्यम बन रहा है. आज 26 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास को लोग स्वीकार कर रहे हैं. शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी को सुरक्षा, सम्मान और नई ज़िंदगी का अवसर दिया जाएगा. हम बाकी भटके हुए लोगों से भी अपील करते हैं कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें.- किरण चव्हाण, एसपी
पुनर्वास करने पर मिलेंगी ये सुविधाएं: आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति–2025 के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, घोषित इनामी राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास, स्वरोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सामान्य जीवन जी सकें.
सरेंडर की बड़ी बातें
पूना मार्गेम अभियान से 26 नक्सली कैडर समाज की मुख्यधारा में शामिल
7 महिला सहित 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, 64 लाख का था इनाम
आत्मसमर्पित नक्सली, PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन एवं AOB क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं
आत्मसमर्पित नक्सलियों में CYPCM-01,DVCM -01, PPCM-03,ACM- 03 और Party Member -18
इस पूरे प्रयास में डीआरजी सुकमा, इंटेरोगेशन शाखा, विआशा सुकमा, आरएफटी सुकमा और सीआरपीएफ की 02, 159, 212, 217, 226 वाहिनी तथा कोबरा 201 की आसूचना शाखाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस प्रशासन का स्पष्ट
संदेश है कि अब नक्सली संगठन के पास विकल्प सीमित हैं. या तो वे हिंसा के रास्ते पर चलते हुए समाप्ति की ओर बढ़ें, या पूना मार्गेम के जरिए शांति, सम्मान और विकास का मार्ग अपनाएं.












