बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान चकरभांठा स्थित श्री सिंधु अमरधाम आश्रम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां संत श्री लाल दास साहेब की पूजनीय माताजी, श्रीमती धर्मी देवी जसूजा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस
मुख्यमंत्री ने आश्रम पहुंचकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त [Grief-stricken – गहरे दुख में डूबा हुआ] परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने का संबल [Strength – सहारा या शक्ति] दिया। सीएम ने कहा कि धर्मी देवी जी का जाना न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति [Irreparable Loss – जिसकी भरपाई न हो सके] है।
“सरलता और स्नेह की प्रतिमूर्ति थीं धर्मी देवी”
श्रीमती धर्मी देवी जसूजा को याद करते हुए सीएम साय ने कहा कि वे एक बेहद सरल और स्नेही महिला थीं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक मूल्यों को जीने में बिताया। मुख्यमंत्री ने भगवान से प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
गणतंत्र दिवस समारोह के बाद पहुंचे आश्रम
बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहले बिलासपुर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत की और ध्वजारोहण [Flag Hoisting – झंडा फहराना] किया। राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रमों के तुरंत बाद वे सीधे चकरभांठा के लिए रवाना हुए।
दिग्गज नेता भी रहे साथ
इस दुखद घड़ी में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
धरमलाल कौशिक (विधायक, बिल्हा)
अमर अग्रवाल (वरिष्ठ नेता)
भूपेंद्र सवन्नी (क्रेडा अध्यक्ष)
पूजा विधानी (महापौर)
इन सभी नेताओं ने भी आश्रम पहुंचकर अपनी संवेदनाएं [Condolences – हमदर्दी] प्रकट कीं और संत लाल दास साहेब के प्रति अपना समर्थन जताया। समाज के विभिन्न वर्गों ने भी धर्मी देवी जसूजा के निधन पर शोक जताया है।







