सरगुजा | छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव 2026 अपनी पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। रोपाखार जलाशय के समीप सजे इस मंच पर न केवल राजनीति के दिग्गजों ने शिरकत की, बल्कि मनोरंजन जगत के बड़े सितारों ने अपनी कला से दर्शकों का दिल जीत लिया।
मनोज तिवारी और कनिका कपूर का जलवा
महोत्सव के पहले दिन भोजपुरी सुपरस्टार और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने अपनी गायकी से समां बांध दिया। उन्होंने ‘रिंकिया के पापा’ और ‘ओ राजा जी’ जैसे लोकप्रिय गीतों से हजारों की भीड़ को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, बॉलीवुड की मशहूर गायिका कनिका कपूर ने ‘बेबी डॉल’ जैसे हिट गानों से महोत्सव में आधुनिक संगीत का तड़का लगाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मुख्य झलकियां (13-15 फरवरी)
महोत्सव के दौरान स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं:
- शास्त्रीय नृत्य: विधि सेन गुप्ता ने ओडिसी और आनंदिता तिवारी एवं रित्विका बनर्जी ने कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
- लोक संगीत: छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक सुनील सोनी और अलका चंद्राकर ने पारंपरिक लोकधुनों और जसगीत से छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखेरी।
- बॉलीवुड नाइट: इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार और छत्तीसगढ़ी गायक स्वप्निल जायसवाल ने अपनी दमदार आवाज से महफिल में जोश भर दिया।
- विशेष आकर्षण: जांजगीर-चांपा के ट्रांसजेंडर कलाकारों ने ‘नौ दुर्गा’ नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर सभी को भावुक कर दिया।
पर्यटन और रोमांच का संगम
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा, रोपाखार जलाशय के पास पर्यटकों के लिए कई अन्य आकर्षण रहे:
- एडवेंचर और खेल: महोत्सव स्थल पर बोटिंग, एडवेंचर गेम्स और पारंपरिक दंगल (कुश्ती) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
- तिब्बती संस्कृति: मैनपाट की पहचान ‘ताशी शोपा’ नृत्य (तिब्बती नृत्य) ने दर्शकों को एक अलग सांस्कृतिक अनुभव कराया।
- भव्य मेला: विशाल मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, झूले और फूड जोन लोगों की पहली पसंद बने रहे।
मुख्यमंत्री की विकासपरक घोषणाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महोत्सव के मंच से ₹523 करोड़ के 109 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने मैनपाट के पर्यटन संवर्धन के लिए 1 करोड़ रुपये और सीतापुर में नया बस स्टैंड बनाने की घोषणा की, जिससे आने वाले समय में यहाँ पर्यटकों की संख्या में बड़ी वृद्धि होने की उम्मीद है।
मैनपाट महोत्सव 2026 ने न केवल सरगुजा की सांस्कृतिक अस्मिता को वैश्विक पहचान दी है, बल्कि विकास और पर्यटन के नए द्वार भी खोले हैं।







