रायपुर : रायपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बना कुख्यात अपराधी और सूदखोर रोहित तोमर सात महीने की फरारी के बाद सामने आ गया है। रविवार को वह अपने वकील के साथ पुरानी बस्ती थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की।
गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट का सुरक्षा कवच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रोहित तोमर की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। इसी कानूनी राहत के चलते पुलिस चाहकर भी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। कोर्ट ने रोहित को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे नोटिस जारी कर थाने बुलाया था।
पहचान छिपाने के लिए बदला हुलिया
हमेशा भारी-भरकम सोने के गहनों से लदे रहने वाले ‘गोल्डन मैन’ का अंदाज इस बार बिल्कुल जुदा था। थाने पहुंचे रोहित के शरीर पर न तो कोई ज्वेलरी थी और न ही पुराना टशन। उसने पहचान छिपाने के लिए अपने बालों को सफेद रंग लिया था, ताकि फरारी के दौरान कोई उसे पहचान न सके।
वकील ने कहा- कर रहे हैं पूरा सहयोग
आरोपी के वकील हिमांशु शर्मा ने मीडिया को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के संरक्षण [Protection] के बाद पुलिस जांच में मदद की जा रही है। 20 जनवरी को पुलिस ने नोटिस जारी कर रोहित को 25 जनवरी को पेश होने को कहा था। आज उसी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए वह थाने पहुंचा है।
16 से ज्यादा संगीन मामले हैं दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहित तोमर एक लिस्टेड हिस्ट्रीशीटर [पुराना अपराधी जिसका रिकॉर्ड थाने में दर्ज हो] है। उसके खिलाफ रायपुर के तेलीबांधा, पुरानी बस्ती और कोतवाली जैसे कई थानों में 16 से ज्यादा केस दर्ज हैं। इसमें चाकूबाजी, हत्या का प्रयास, ब्लैकमेलिंग और अवैध सूदखोरी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
बड़े भाई की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी
इस पूरे मामले में रोहित के बड़े भाई रूबी उर्फ वीरेंद्र तोमर का नाम भी जुड़ा है। वीरेंद्र को पुलिस ने पिछले साल 8 नवंबर 2025 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल जेल में बंद है, जबकि रोहित अब कानूनी दांवपेच के सहारे बाहर है।
फिलहाल पुलिस रोहित तोमर से उसके फरारी के ठिकानों और अन्य अपराधों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि भले ही अभी गिरफ्तारी पर रोक है, लेकिन पूछताछ के आधार पर कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए जाएंगे। मामले पर शहर की जनता और विपक्षी गलियारों की नजर टिकी हुई है।












