रायपुर : सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब बेहद उग्र और दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 57 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने शासन की बेरुखी से नाराज होकर दहकते अंगारों पर चलकर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी बल और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
अंगारों पर चले अभ्यर्थी, मची अफरातफरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सकारात्मक पहल न होने से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने सामूहिक रूप से आग जलाकर अंगारों पर चलने का फैसला किया। जैसे ही आंदोलनकारियों ने जलते कोयलों पर कदम रखे, वहां अफरातफरी मच गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पानी की बौछारें कर आग बुझाई। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई।
4 अभ्यर्थी बेहोश, सभी प्रदर्शनकारी जेल भेजे गए
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिसिया कार्रवाई के दौरान चार अभ्यर्थी गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अभनपुर अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद पुलिस ने बाकी सभी अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया। देर शाम इन सभी प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
“नियुक्ति दो या लाश ले जाओ”: खून से लिखे पत्र
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री को अपने खून से पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अभ्यर्थियों ने दोटूक कहा, “हम घर से यह सोचकर निकले हैं कि या तो नियुक्ति पत्र लेकर लौटेंगे या फिर हमारी लाश जाएगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद 2300 रिक्त पदों (जिसमें 1600 पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं) पर भर्ती प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है।
दीपक बैज ने जेल में की मुलाकात
इस मामले में अब राजनीतिक बवाल भी शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज कल देर रात सेंट्रल जेल पहुंचे और गिरफ्तार अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से मांग की है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद कर तत्काल नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
रिक्त पदों पर भर्ती: सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के बचे हुए 2300 पदों पर पात्र डीएड अभ्यर्थियों की तुरंत नियुक्ति हो।
कोर्ट के आदेश का पालन: उच्च एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को तत्काल प्रभावी बनाया जाए।
ST पदों को प्राथमिकता: अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1600 से अधिक रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरा जाए।













