छत्तीसगढ़ के जशपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत हुआ. वे झारखंड के गुमला में आयोजित अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचीं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे जनजातीय समाज के लिए “सौभाग्य का विषय” बताया.
जशपुर में स्वागत, गुमला में आयोजन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जशपुर पहुंचने पर राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री और पदाधिकारियों ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया. इसके बाद वे झारखंड के गुमला में आयोजित अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम समारोह में शामिल हुईं.
जनजातीय संस्कृति पर फोकस
समारोह को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय संस्कृति को सहेजने का पुनीत प्रयास है. उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज सिर्फ किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव है.
आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा
सीएम साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहले भी छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आदिवासी गौरव सम्मान समारोह में शामिल हो चुकी हैं. उन्होंने आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए कई काम किए हैं और वे समाज के लिए प्रेरणा हैं.
नक्सल इलाकों में बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा पहले नक्सल प्रभावित था, जिससे विकास वहां तक नहीं पहुंच पा रहा था.
अब दो इंजन की सरकार की सोच से बस्तर में शांति बहाल हो रही है.
‘नियद नेल्लनार योजना’ का असर
सीएम के मुताबिक नियद नेल्लनार योजना के तहत लगातार सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ और केंद्र के जवान संयुक्त अभियानों में लगे हैं. मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस को नमन किया.
400 से ज्यादा गांव फिर से आबाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में 400 से ज्यादा गांव आबाद किए जा चुके हैं. ऐसे इलाके जहां पहले कोई नहीं जाता था, वहां अब: राशन, बिजली,आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल, जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं.
नक्सलवाद अंतिम सांसों पर
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है. इसके बाद राज्य के तेज विकास का रास्ता और साफ होगा.
पर्यटन और नई उद्योग नीति
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लाई गई है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसका फायदा जनजातीय इलाकों बस्तर और सरगुजा के लोगों को मिलेगा.
क्यों अहम है ये आयोजन
झारखंड में हुए इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए. मुख्यमंत्री का कहना है कि इस आयोजन का दूरगामी असर छत्तीसगढ़ के विकास पर पड़ेगा और जनजातीय समाज को नई दिशा मिलेगी.








