सूरजपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान ‘अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट’ के छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। सीएम ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए उनके साथ अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
अरुणोदय कोचिंग: गरीबों के लिए उम्मीद की किरण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री को बताया गया कि अरुणोदय कोचिंग एक पूरी तरह सरकारी और निःशुल्क (बिना किसी फीस के) व्यवस्था है। यहाँ गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को पीएससी, व्यापम, एसएससी और रेलवे जैसी बड़ी परीक्षाओं के लिए फ्री में कोचिंग और किताबें दी जा रही हैं।
पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता का भरोसा
मुख्यमंत्री साय ने छात्रों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पीएससी (PSC) परीक्षा को यूपीएससी की तर्ज पर पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम ने छात्र की मांग पर तुरंत लिया फैसला
संवाद के दौरान छात्र देवेंद्र ने नई किताबों की जरूरत बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कलेक्टर को अपने स्वेच्छानुदान [मुख्यमंत्री का विशेष फंड] से पुस्तकें दिलाने के निर्देश दिए। वहीं छात्रा गीता को उन्होंने योग करने और समय पर भोजन करने जैसी अच्छी आदतें अपनाने की सलाह दी।
पंच से मुख्यमंत्री बनने तक का साझा किया सफर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए अपने जीवन का सफर साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे वे एक पंच से सरपंच, विधायक और सांसद होते हुए आज मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे व्यर्थ की बातों को छोड़कर सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।
दिल्ली और रायपुर की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं
सीएम साय ने घोषणा की कि रायपुर के ‘नालंदा परिसर’ की सफलता को देखते हुए राज्य में 34 हाईटेक लाइब्रेरी [आधुनिक पुस्तकालय] बनाई जा रही हैं। सूरजपुर के युवाओं को भी जल्द ही आधुनिक लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। उन्होंने दिल्ली के ‘ट्राइबल यूथ हॉस्टल’ का जिक्र करते हुए कहा कि वहां रहकर छात्र उच्च स्तरीय तैयारी कर सकते हैं।
डीएमएफ फंड से बदल रही सुदूर अंचलों की सूरत
मुख्यमंत्री ने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बने डीएमएफ फंड (DMF Fund) का उपयोग अब शिक्षा और स्वास्थ्य में किया जा रहा है। अरुणोदय कोचिंग इसका एक बेहतरीन उदाहरण है, जिससे खनिज क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर भविष्य और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों की मेहनत की भी सराहना की।








