बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर सियासत गरमा गई है। बलौदाबाजार दौरे पर पहुंचे डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने साफ कहा कि पुलिस की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित नहीं, बल्कि साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर की गई है।
गिरफ्तारी पर सीधे सवाल, डिप्टी CM का जवाब
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने को लेकर डिप्टी CM अरुण साव से सीधे सवाल पूछे गए। इस पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह कानून की प्रक्रिया है, इसमें किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।
लखमा केस का जिक्र, पूर्ववर्ती सरकार की कार्रवाई बताया
डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि जिन मामलों में कांग्रेस नेता जेल गए हैं, वे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय के हैं। इन मामलों की जांच पहले से चल रही थी और अब वह अपने निष्कर्ष तक पहुंच रही है।
साहू समाज के कार्यक्रम में पहुंचे थे अरुण साव
डिप्टी CM अरुण साव बलौदाबाजार में साहू समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में समाज के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ ली और उपमुख्यमंत्री ने समाज की भूमिका और योगदान की सराहना की।
मीडिया का सवाल: कांग्रेस विधायक एक-एक कर जेल क्यों?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सवाल किया गया कि कवासी लखमा, देवेंद्र यादव के बाद अब बालेश्वर साहू को भी जेल भेजा गया है। साथ ही नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान का भी जिक्र किया गया।
“सबूत और तथ्य ही कार्रवाई का आधार” – अरुण साव
डिप्टी CM ने कहा कि पुलिस किसी दबाव में काम नहीं करती। कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर होती है। मामला अदालत में है और कानून के मुताबिक प्रक्रिया चल रही है।
चरणदास महंत के बयान पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान पर अरुण साव ने सीधा हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब मामला न्यायालय में है, तब जांच एजेंसियों और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।
कांग्रेस का आरोप बनाम सरकार का पक्ष
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। वहीं सरकार का दावा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन के दौरान हुए मामलों की जांच अब सामने आ रही है।
बलौदाबाजार में बढ़ी राजनीतिक हलचल
डिप्टी CM के बयान के बाद बलौदाबाजार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। साहू समाज के कार्यक्रम के बहाने हुई यह राजनीतिक बातचीत चर्चा का विषय बनी हुई है।
आगे क्या होगा, सबकी नजर जांच पर
डिप्टी CM के बयान के बाद अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर है। आने वाले दिनों में और नाम सामने आते हैं या नहीं, इस पर राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है











