छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धर्मांतरण से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया गया कि मस्तूरी थाना क्षेत्र की मल्हार चौकी अंतर्गत डबहापारा इलाके में रविवार को एक मकान में प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी। इस दौरान लोगों को बीमारी ठीक करने और अन्य लाभ का झांसा देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली।
सभा में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियां को बुलाया गया था
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डबहापारा इलाके के एक मकान में रहने वाला रामकुमार केवट अपने घर की छत पर बने हाल में प्रार्थना सभा आयोजित कर रहा था। इस सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां मौजूद थीं। बताया गया कि सभा के दौरान लोगों को विशेष प्रार्थना के जरिए बीमारी ठीक होने का दावा किया जा रहा था।
सभा में कहा क्या गया?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रार्थना सभा में आसपास के मोहल्लों से बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए थे। वहां मौजूद लोगों को यह बताया जा रहा था कि ईसाई धर्म अपनाने से वर्षों पुरानी बीमारियां ठीक हो सकती हैं। इसके साथ ही भोजन और अन्य भौतिक लाभ मिलने की बात भी कही जा रही थी।
पुलिस की रेड और जांच
डीएसपी लालचंद मोहिले ने बताया कि रविवार को सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रार्थना सभा के बारे में पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि सभा के माध्यम से लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने प्रार्थना सभा को बंद कराया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पूछताछ के बाद रामकुमार केवट को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उसे बाद में कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।












