छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले बालोद में नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी का आयोजन किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्यक्रम 9 जनवरी 2026 से शुरू होकर 13 जनवरी तक चलेगा। सोमवार को कार्यक्रम के चौथे दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जंबूरी में शामिल हुए। इस आयोजन में देश और विदेश से आए विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
सीएम साय ने परेड की सलामी ली
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी में मार्च पास्ट और परेड की सलामी ली। इससे पहले सीएम साय ने बालोद जिले को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी। जंबूरी में आयोजित विभिन्न गतिविधियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
एथनिक शो बना आकर्षण का केंद्र
नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी में एथनिक शो का आयोजन किया गया। इस शो में स्काउट-गाइड प्रतिभागियों ने अलग-अलग पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्यक्रम को उपस्थित अतिथियों ने सराहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रतिभागियों को बधाई दी।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का किया उल्लेख
सीएम विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स ने जंबूरी की मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ को चुना, इसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने की बात कही।
जंबूरी केवल कैंप नहीं, राष्ट्र निर्माण का मंच’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जंबूरी केवल एक कैंप नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जहां से युवा राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन चार दिनों में प्रतिभागियों ने कैंपिंग, नेविगेशन, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लिया, जो जीवन को बेहतर दिशा देने में सहायक हैं।
सीएम साय ने साझा किया जीवन संघर्ष
सीएम साय ने जंबूरी में अपने जीवन से जुड़ा अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई थी। मेहनत और साहस से वह इस मुकाम तक पहुंचे। उन्होंने स्काउट-गाइड के सिद्धांत ‘हमेशा तैयार रहो’ और ‘रोज एक अच्छा काम करो’ को जीवन में अपनाने की अपील की।
शिक्षा मंत्री का बयान
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि पहली बार देश में इस तरह की जंबूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन युवाओं को कम संसाधनों में जीवन जीने और एक-दूसरे की संस्कृति समझने का अवसर देता है। कार्यक्रम का आयोजन निर्धारित तिथियों तक जारी रहेगा।












