रात अंधेरी थी, मरवाही की सड़क पर एसडीएम की गाड़ी आगे बढ़ रही थी, अचानक एक बोलेरो आकर सामने खड़ी हो गई।कुछ सेकंड की उलझन और उसी पल धान से भरी पिकअप गाड़ी निकल गई।
क्यों और किसके इशारे पर?
धान तिहार चल रहा था। छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश सीमा पर निगरानी तेज थी, सूचना थी कि मध्यप्रदेश से अवैध धान छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। एसडीएम मरवाही देवेंद्र सिरमौर अलर्ट हो चुके थे। पीछा शुरू हुआ 29 दिसंबर की रात, सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मैदान में उतरा। संभावित रास्तों पर नजर रखी गई, जैसे ही धान से भरी पिकअप सीमा में घुसी, पीछा शुरू हो गया।
दरमोहली गांव का मोड़
प्रशासनिक टीम पीछा करते हुए दरमोहली गांव पहुंची। यहीं अचानक गेम पलट गया। दरमोहली निवासी भरत राठौर ने ओवरटेक किया। अपनी बोलेरो एसडीएम की गाड़ी के सामने खड़ी कर दी।
कुछ पल का फायदा
अचानक हुए इस घटनाक्रम से टीम कुछ देर असमंजस में पड़ी।
इसी का फायदा उठाया गया। धान से भरी पिकअप गाड़ी वापस मध्यप्रदेश की ओर भाग निकली, रास्ता खुल चुका था।
पुराना रिकॉर्ड सामने आया
जांच में एक पुरानी बात खुली। भरत राठौर पर पहले भी आरोप लग चुका था। मध्यप्रदेश से अवैध धान परिवहन में उसका एक पिकअप पहले जप्त हो चुका था। इस बार उसने किराए की पिकअप का इंतजाम किया था।
सिस्टम बनाम आरोपी
रास्ता रोकने की कोशिश नाकाम रही, लेकिन प्रशासन पीछे नहीं हटा। एसडीएम की टीम ने मौके पर ही शिकंजा कसा।
बोलेरो, धान तस्कर और पूरा प्लान सामने आ गया।
गिरफ्तारी और पुलिस एक्शन
आरोपी भरत राठौर को मौके से गिरफ्तार किया गया। उसे गौरेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। एक वाहन भी जब्त किया गया। एसडीएम देवेंद्र सिरमौर का बयान सामने आया।
“हमने आरोपी भरत ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। उसे गौरेला पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने एक वाहन को भी जब्त किया है। आगे की कार्रवाई जारी है।”
यहीं नहीं रुकेगा एक्शन
जिला प्रशासन ने साफ किया है। धान तिहार के दौरान तस्करी पर सख्ती जारी रहेगी, अवैध परिवहन, भंडारण और तस्करी बर्दाश्त नहीं होगी, कार्रवाई चल रही है और अभी खत्म नहीं हुई है।
नोट: ये पूरी खबर एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई है








