धमतरी के केरेगांव इलाके में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। महज ‘घूरकर देखने’ जैसी मामूली बात पर एक पिकअप ड्राइवर की बेरहमी से हत्या करने वाले तीन आरोपियों को उम्रकैद [आजीवन कारावास] की सजा दी गई है।
शराब के नशे में कर दिया था खूनी खेल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला साल 2024 का है। मृतक पंकज ध्रुव पेशे से ड्राइवर था और पिकअप चलाकर अपना घर चलाता था। वारदात वाले दिन तीन आरोपी शराब के नशे में धुत होकर सड़क पार कर रहे थे। जब पंकज ने उन्हें देखा, तो वे इस बात पर भड़क गए कि उन्हें ‘घूर’ क्यों रहा है।
चाकू मारकर ली थी पंकज की जान
शराबी युवकों ने पंकज की गाड़ी रुकवाकर पहले उससे विवाद किया और फिर गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने चाकू निकालकर उस पर हमला कर दिया। धारदार हथियार के हमले से पंकज की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट में पुख्ता सबूतों ने दिलाई सजा
प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय, धमतरी ने मामले की सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दोषी पाया। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए तीनों को आजीवन कारावास और 1000-1000 रुपये अर्थदंड [जुर्माना] की सजा सुनाई। केस में सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान सबसे अहम साबित हुए।
खून से सने कपड़े और चाकू हुए थे बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, बाइक और उनके खून से सने कपड़े बरामद किए थे। पुलिस ने समय पर चालान [चार्जशीट] पेश किया और तकनीकी सबूतों (Technical Evidence) के जरिए यह साबित किया कि हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश और गुस्से का नतीजा थी।
मामूली विवाद बन गया मौत का कारण
पुलिस की विवेचना (जांच) में यह साफ हुआ कि आरोपियों ने शराब के नशे में अपना आपा खो दिया था। महज एक नजर देखने पर शुरू हुआ विवाद मर्डर तक पहुँच गया। सजा के बाद मृतक के परिवार को अब जाकर न्याय मिला है।
इलाके में शांति बनाए रखने की अपील
धमतरी पुलिस ने इस सजा के बाद संदेश दिया है कि अपराध करने वालों को कानून की पकड़ से बचना मुमकिन नहीं है। पुलिस लगातार ऐसे मामलों में कड़ी पैरवी कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज रही है।
अदालत के इस फैसले के बाद केरेगांव क्षेत्र में कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।








