आरंग: राजा मोरध्वज की नगरी आरंग में आयोजित ‘मोरध्वज आरंग महोत्सव-2026’ का समापन बेहद भव्य तरीके से हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं और बागेश्वर बाबा के मंदिर में जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
समोदा बनी नई तहसील, महोत्सव को अब ₹10 लाख
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को बड़ी सौगात देते हुए समोदा उप-तहसील को पूर्ण तहसील बनाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने मोरध्वज महोत्सव के लिए मिलने वाले सरकारी अनुदान [मदद की राशि] को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की।
राजा मोरध्वज की धरती को बताया प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री साय ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ के नैतिक मूल्यों और सत्यनिष्ठा [ईमानदारी और कर्तव्य पालन] का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आरंग की यह भूमि प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण की स्मृतियों से जुड़ी हुई है।
‘मोदी की गारंटी’ और विकास पर जोर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसे बुनियादी ढांचे [अधोसंरचना] के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया और क्षेत्र में खेल परिसर को जल्द पूरा करने का भरोसा दिया।
सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने मशहूर सैंड आर्टिस्ट [रेत पर कलाकृति बनाने वाले कलाकार] हेमचंद साहू को सम्मानित किया। हेमचंद ने रेत से भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराम और बागेश्वरनाथ की सुंदर आकृतियां बनाई थीं, जिसकी सीएम ने जमकर सराहना की।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
इस ऐतिहासिक समापन समारोह में डिप्टी सीएम अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल समेत कई विधायक और साधु-संत मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं और नागरिकों ने इस सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लिया।
आगे की योजना
आरंग को तहसील और खेल परिसर की सौगात मिलने के बाद अब स्थानीय प्रशासन इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी में जुट गया है। महोत्सव के बजट बढ़ने से अगले साल इसे और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
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