रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने देश की प्रतिष्ठित GATE (ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग) परीक्षा में धांधली की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह के 6 सदस्यों को दबोचा है, जो जूतों में सूक्ष्म डिवाइस छिपाकर हाई-टेक तरीके से नकल करा रहे थे।
जूतों के भीतर ‘ब्लूटूथ’ का जाल
रायपुर पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने के लिए जूतों का सहारा लिया। चूंकि केंद्र में जूते पहनकर जाने की अनुमति थी, इसलिए आरोपियों ने जूतों के अंदर बेहद छोटे ब्लूटूथ डिवाइस फिट कर रखे थे।
प्लान: आरोपियों की योजना थी कि परीक्षा के दौरान बाथरूम जाने का बहाना बनाकर वे डिवाइस को एक्टिव करेंगे और बाहर बैठे साथियों से संपर्क करेंगे।
3 अंदर, 3 बाहर: ऐसे काम कर रहा था ‘गूगल गैंग’
पकड़े गए सभी 6 आरोपी मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। इनकी कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी:
सेंटर के भीतर: 3 आरोपी परीक्षार्थी बनकर अंदर बैठे थे ताकि प्रश्नों को बाहर भेज सकें।
सेंटर के बाहर: शेष 3 आरोपी केंद्र के ठीक बाहर बैठकर तकनीकी बैकअप दे रहे थे।
कार्यशैली: अंदर से प्रश्न मिलते ही बाहर बैठे साथी तुरंत गूगल सर्च के जरिए सटीक उत्तर ढूंढते और ब्लूटूथ के जरिए परीक्षार्थियों तक पहुंचाते।
हरियाणा से जुड़े तार, मास्टरमाइंड की तलाश
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार हरियाणा में बैठा एक मास्टरमाइंड है, जिसने इन युवकों को विशेष ट्रेनिंग और सूक्ष्म डिवाइस उपलब्ध कराए थे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस गिरोह के अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की तलाश कर रही है।
पुलिस की बड़ी चेतावनी
DCP संदीप पटेल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह पहले भी कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इसी तरह सेंधमारी कर चुका है। आने वाले दिनों में मामले में कुछ और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
रायपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने GATE जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की शुचिता को बचा लिया है और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने का संकेत दिया है।








