छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर भिलाई से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस भर्ती के नाम पर की गई कथित ठगी में करीब 11 साल बाद अब जाकर FIR दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित ने सालों तक शिकायतें कीं, लेकिन कार्रवाई काफी देर से हुई।
पुलिस भर्ती दिलाने का भरोसा, लाखों रुपये लिए गए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकायतकर्ता कमल साहू, ग्राम डूडेंरा (थाना उतई क्षेत्र) का रहने वाला है। साल 2012 में बलौदाबाजार जिले में निकली पुलिस भर्ती के दौरान उसकी पहचान मोरिद निवासी शोभाराम साहू से हुई।
आरोप है कि शोभाराम साहू ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कमल साहू के बेटे को आरक्षक पद पर नौकरी दिलाने का दावा किया और इसके बदले पैसों की मांग की।
2012 की भर्ती, 8 जून को दी गई रकम
बताया जा रहा है कि आरोपी ने नौकरी लगाने के बदले करीब 3.50 लाख रुपये मांगे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कमल साहू ने 8 जून 2012 को पूरी रकम आरोपी को सौंप दी। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने इकरारनामा भी कराया।
लिखित आश्वासन के बाद भी न नौकरी मिली, न पैसे लौटे
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बाद में आरोपी ने स्टाम्प पेपर पर रकम लौटाने का लिखित आश्वासन भी दिया, लेकिन तय तारीख बीतने के बावजूद न तो पुलिस की नौकरी लगी और न ही पैसे वापस मिले।
2013–14 में पुलिस से की गई शिकायत
रिपोर्ट्स के अनुसार, नौकरी और पैसे दोनों नहीं मिलने के बाद कमल साहू ने साल 2013–14 में भिलाई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उस समय मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
धमकी और दबाव का आरोप, थाने में रिश्तेदारी का दावा
पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बाद उसे धमकाया गया और मामला दबाने की कोशिश की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भी दावा किया गया कि आरोपी का भाई उतई थाने में पदस्थ होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
एसपी दुर्ग के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज
बताया जा रहा है कि बाद में कमल साहू ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग से शिकायत की। इसके बाद मामले में जांच आगे बढ़ी और अब जाकर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
420 के तहत केस, आरोपी की तलाश जारी
भिलाई नगर CSP सत्यप्रकाश तिवारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आरोपी पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने IPC की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुराने मामलों पर फिर सवाल
इस पूरे मामले को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस भर्ती जैसे संवेदनशील मामलों में की गई शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती। हालांकि, पुलिस की ओर से फिलहाल जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।








