बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश समय रहते नाकाम कर दी गई। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गंगालूर थाना क्षेत्र में सर्चिंग और डिमाइनिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को दो IED बरामद हुए, जिससे इलाके में संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
सर्चिंग के दौरान क्या मिला?
बताया जा रहा है कि 199वीं वाहिनी CRPF की टीम एरिया डॉमिनेशन और डिमाइनिंग ऑपरेशन पर निकली थी। यह टीम एफओबी कोप्पागुड़ा से एफओबी पीड़िया की ओर मूव कर रही थी, इसी दौरान सर्चिंग में संदिग्ध जगहों की जांच की गई।
कहां और कितनी दूरी पर थे IED?
पीड़िया कैम्प से करीब 2 किलोमीटर दूर नक्सलियों ने दो IED प्लांट कर रखे थे। इनमें से एक IED निर्माणाधीन सड़क से लगभग 50 मीटर की दूरी पर मिला, जिससे साफ संकेत मिलता है कि रास्ते से गुजरने वालों को निशाना बनाया जा सकता था।
टिफिन और बीयर बोतल में छिपाया गया विस्फोटक
दावा किया जा रहा है कि एक IED टिफिन बॉक्स में और दूसरा बीयर की बोतल में छिपाया गया था। दोनों ही विस्फोटक प्रेशर मैकेनिज्म से लैस थे, यानी किसी के कदम पड़ते ही धमाका हो सकता था।
किसे बनाया जा सकता था निशाना?
बताया जा रहा है कि इन IED का मकसद सड़क से गुजरने वाले सुरक्षा बलों, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों या आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाना हो सकता था। हालांकि समय रहते इनकी पहचान होने से कोई हादसा नहीं हुआ।
इलाके की घेराबंदी, BDD टीम को बुलाया गया
IED मिलने के बाद पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया। CRPF की 199वीं वाहिनी की बम डिस्पोजल टीम को मौके पर बुलाया गया और सभी सुरक्षा मानकों के तहत कार्रवाई की गई।
मौके पर ही IED नष्ट, कोई नुकसान नहीं
बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों ने दोनों IED को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी तरह की जनहानि या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ, और ऑपरेशन बिना किसी अप्रिय घटना के पूरा किया गया।
इलाके में सतर्कता जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और सर्चिंग अभियान जारी है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए इलाके पर नजर बनाए हुए हैं।








