अगर आप छत्तीसगढ़ में रहते हैं और अगले दो दिनों में बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए! प्रदेश पर मानसून पूरी तरह मेहरबान है और पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी है। कई जगहों पर नदी-नाले उफान पर आ चुके हैं। मौसम विभाग ने साफ़ कर दिया है कि अगले 48 घंटों में प्रदेश के उत्तरी और मध्य इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले (जहाँ ज़्यादा खतरा है)
मौसम विभाग ने सोमवार सुबह से ही कई जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
राजनांदगांव
बिलासपुर
कोरबा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
बेमेतरा
कबीरधाम
मुंगेली
सरगुजा
सूरजपुर
कोरिया
बलरामपुर
यलो अलर्ट और रायपुर का हाल
इन जिलों में अगले 3 घंटों के भीतर बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट रहेगा:
उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर।
राजधानी रायपुर का मौसम
रविवार दोपहर हुई झमाझम बारिश के बाद सोमवार को भी राजधानी में मौसम सुहावना बना रहेगा।
आसमान: दिनभर बादल छाए रहेंगे।
संभावना: गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
तापमान: अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने का अनुमान है।
कहाँ कितनी बारिश दर्ज हुई? (पिछले 24 घंटे का आंकड़ा)
प्रदेश में बारिश की रफ्तार का अंदाजा आप इन आंकड़ों से लगा सकते हैं:
8 सेंटीमीटर: मनेन्द्रगढ़
7 सेंटीमीटर: बिल्हा, मैनपुर
6 सेंटीमीटर: पटना
5 सेंटीमीटर: मुंगेली, गरियाबंद, जनकपुर भरतपुर, रामानुजगंज, बैकुंठपुर, लोरमी, लालपुर थाना, मगरलोड, चिरमिरी
4 सेंटीमीटर: नगरी, कुकरेल, रतनपुर, हरदीबाजार, पथरिया, मुकडेगा, बलौदा बाजार, पलारी, भाटापारा
3 सेंटीमीटर: कुकदुर, मनोरा, पेण्ड्रा रोड, खड़गवां, कापू, कोंटा, सिमगा, पौड़ी उपरोड़ा, धमतरी, दर्री, बोदरी, मस्तूरी, बीजापुर, पिथौरा, सकरी
आसान भाषा में समझें: आखिर क्यों हो रही है इतनी बारिश? (मौसम चक्र)
अक्सर मौसम विभाग के जटिल शब्दों को समझना मुश्किल होता है, लेकिन आसान भाषा में कहें तो इस समय छत्तीसगढ़ के ऊपर 3 बड़े मानसूनी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:
बिहार-झारखंड का चक्रवात: झारखंड और बिहार के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर हवा का एक उल्टा घेरा (चक्रवाती परिसंचरण) बना हुआ है जो बादलों को खींच रहा है।
हवा की द्रोणिका (ट्रफ लाइन): उत्तरी बिहार से लेकर बंगाल की खाड़ी तक (झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए) 1.5 से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक मानसूनी पट्टी बनी हुई है।
आंध्र-छत्तीसगढ़ का सिस्टम: उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
इन तीनों सिस्टम के एक साथ एक्टिव होने की वजह से पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा रही है।
सुरक्षा की बात: उफान मारते नदी-नालों और रपटों (सड़कों पर पानी के तेज बहाव) को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। इस जरूरी वेदर अपडेट को अपने दोस्तों और फैमिली वॉट्सऐप ग्रुप्स में तुरंत शेयर करें ताकि सभी अलर्ट रहें!











