रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ‘डिजिटल सशक्तीकरण’ की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 3,942 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नई जीवनरेखा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया है।
“डिजिटल कनेक्टिविटी विकसित छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा” – सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट की सुविधा नहीं है, बल्कि यह गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस कदम को
ऐतिहासिक बताते हुए कहा:
“केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी सेवाओं की उपलब्धता और भी तेज होगी।”
11,682 ग्राम पंचायतों में बिछेगा हाईटेक नेटवर्क
मुख्यमंत्री साय के विजन के अनुरूप, इस परियोजना के तहत प्रदेश की सभी 11,682 ग्राम पंचायतों को अत्याधुनिक ‘रिंग टोपोलॉजी’ के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
क्या है फायदा: रिंग टोपोलॉजी आधारित यह नेटवर्क संरचना अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित है। यदि नेटवर्क में कहीं कोई तकनीकी खराबी आती है, तो भी इंटरनेट सेवाएं बाधित नहीं होंगी, जिससे ग्रामीणों को निर्बाध डिजिटल सेवा मिलती रहेगी।
ई-गवर्नेंस और टेलीमेडिसिन को मिलेगी नई ताकत
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस राशि के निवेश से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी बदलाव आएंगे:
शिक्षा: ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा और ई-लर्निंग को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य: टेलीमेडिसिन के जरिए दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीण सीधे बड़े डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे।
रोजगार: ग्रामीण युवाओं और स्थानीय उद्यमियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे।
सरकारी सेवाएं: ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा, जिससे ग्रामीणों को अपने काम के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ग्रामीण विकास के लिए लगातार योजनाएं बना रही है। विशेष रूप से बस्तर जैसे दुर्गम इलाकों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के लिए सीएम ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उनका लक्ष्य है कि विकास की मुख्यधारा से कटे हुए इलाकों में भी सूचना क्रांति की लहर पहुंचे और वहां के युवा आत्मनिर्भर बन सकें।










