नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार जल संरक्षण को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री वर्चुअली शामिल हुए।
2026 तक 10 लाख जल संरचनाओं का ऐतिहासिक लक्ष्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में राज्य की जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा रोडमैप साझा किया। उन्होंने बताया कि अभियान के दूसरे चरण के तहत 31 मई 2026 तक प्रदेश में 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों के लिए विशेष पहल: राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले 4 लाख किसानों को उनके खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
दोहरा लाभ: इन डबरियों से न केवल भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि किसानों को सिंचाई और मछली पालन के नए अवसर भी मिलेंगे।
जल संरक्षण में देश में दूसरे स्थान पर छत्तीसगढ़
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
सकारात्मक परिणाम: वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में प्रदेश के 5 क्रिटिकल ब्लॉकों में भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।
तकनीकी दखल: दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग की जाएगी और ग्राम पंचायतों का ‘वॉटर बजट’ तैयार किया जाएगा।
युवा बनेंगे ‘जल मित्र’
अभियान को गति देने के लिए गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत और क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रधानमंत्री के संदेश का उल्लेख
विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश को दोहराया जिसमें पानी के उपयोग को ‘प्रसाद’ के समान मानने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की सबसे बड़ी विकासात्मक चुनौती है और इसे केवल जनभागीदारी से ही हल किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने की सराहना
वर्चुअली जुड़े केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ के नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्राप्त राशि का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। पाटिल ने राजनांदगांव की एक महिला सरपंच के जल संचयन प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा की और कलेक्टरों को जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के सचिव कांताराव और प्रदेश के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित रहे।










