रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर सरकार की घेराबंदी की। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने जर्जर सड़कों के नवीनीकरण, अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों के पद और प्रधानमंत्री आवास योजना की कछुआ चाल पर कड़े सवाल दागे।
सड़कों का मुद्दा: “10 साल से नवीनीकरण शून्य, जनता परेशान”
विधायक भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले में सड़कों की खस्ताहाली का मुद्दा उठाते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
हैरान करने वाला आंकड़ा: सदन में जानकारी सामने आई कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच जिले में 28 नई सड़कें तो स्वीकृत हुईं, लेकिन पुरानी सड़कों के नवीनीकरण (Renovation) के लिए एक भी स्वीकृति नहीं मिली।
विधायक का तर्क: भावना बोहरा ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से क्षेत्र की मुख्य सड़कें उपेक्षित हैं। उन्होंने बकेला से खाम्ही और देवसरा से गोरखपुरकला समेत 51 जर्जर सड़कों की सूची सौंपते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
डिप्टी सीएम का हस्तक्षेप: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बांगर मुख्य मार्ग से कोटनापानी तक की सड़क की स्वीकृति रद्द होने के मामले में व्यक्तिगत रूप से दखल देने का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य सेवा: “रेफरल सेंटर” बना जिला अस्पताल?
अस्पतालों में संसाधनों और डॉक्टरों की कमी पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को जवाब देना भारी पड़ा।
डॉक्टरों के पद खाली: कबीरधाम जिले में विशेषज्ञों और डॉक्टरों के 30 पद खाली हैं।
मरीजों का पलायन: आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में 594 और जनवरी 2026 के मात्र एक महीने में 57 मरीजों को रायपुर रेफर करना पड़ा।
सवाल: भावना बोहरा ने पूछा कि जब जिले में ही इलाज की सुविधा नहीं होगी, तो गरीब मरीज निजी अस्पतालों के खर्च का बोझ कैसे उठाएगा? सरकार ने भर्ती प्रक्रिया जारी होने की बात तो कही, लेकिन कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई।
प्रधानमंत्री आवास: ग्रामीण में 93% काम पूरा, शहरी में ‘शून्य’
आवास योजना की प्रगति पर सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की:
ग्रामीण क्षेत्र: पंडरिया में 32,614 आवास (93.59%) पूरे हो चुके हैं, जबकि 2,235 अब भी निर्माणाधीन हैं।
शहरी क्षेत्र: ताज्जुब की बात यह रही कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पंडरिया क्षेत्र की जानकारी शून्य बताई गई, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताई।
आयुष्मान भारत: भुगतान में देरी पर जांच जारी
आयुष्मान कार्ड के जरिए होने वाले इलाज और प्रोत्साहन राशि के भुगतान में शिकायतों का मुद्दा भी गूंजा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 1142 पुराने मामलों को सुलझाने के लिए जिला अस्पताल को निर्देश दिए गए हैं और एक गंभीर मामले की जांच अभी चल रही है।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा का अपनी ही सरकार को सदन में घेरना यह दर्शाता है कि क्षेत्र में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर है। विशेष रूप से 10 साल से सड़कों के नवीनीकरण का न होना और जिला अस्पताल से लगातार हो रहे ‘रेफरल’ गंभीर चिंता का विषय हैं। उपमुख्यमंत्री का आश्वासन कितना धरातल पर उतरता है, इस पर पंडरिया की जनता की नजर रहेगी।









