बलौदाबाजार/सिमगा: रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कोहराम मचा दिया। सिमगा थाना क्षेत्र के दरचूरा चौक के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी यात्री बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में 5 यात्रियों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 29 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में 4 महीने की दूधमुंही बच्ची और कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
सवारी बैठाने के लिए धीमी हुई थी बस, पीछे से काल बनकर आया ट्रक
सिमगा पुलिस के मुताबिक, आरबीएस कंपनी की बस बिलासपुर से रायपुर की ओर जा रही थी। सुबह करीब 11 बजे दरचूरा ग्राम के पास चालक ने सवारियां बैठाने के लिए बस की रफ्तार धीमी की। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक (MH 37 T 1821) के चालक ने लापरवाही और तेज रफ्तार के चलते बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और अंदर बैठे यात्री सीटों से उछलकर लहूलुहान हो गए।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी, स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर दौड़े। बस के भीतर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए लोगों ने कड़ी मशक्कत की। सूचना मिलते ही सिमगा थाना प्रभारी लखेश केवट अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल 17 यात्रियों को रायपुर के मेकाहारा रेफर किया गया है, जबकि अन्य का स्थानीय अस्पतालों में इलाज जारी है।
घायलों में मासूमों और बुजुर्गों की लंबी फेहरिस्त
हादसे में घायल होने वालों में धरसींवा, बलौदाबाजार, रायपुर और दुर्ग-भिलाई के यात्री शामिल हैं। घायलों में 4 महीने की योगिता साहू, 4 साल का गौरव, 8 साल की जानवी और 10 साल का सुनील जैसे बच्चे शामिल हैं, जो अपने परिवार के साथ सफर कर रहे थे। इसके अलावा कई बुजुर्गों की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की जांच और ट्रैफिक बहाली
हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया था। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे कर यातायात सुचारू कराया। थाना प्रभारी ने बताया कि बस और ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके। प्रारंभिक जांच में ट्रक ड्राइवर की तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
नेशनल हाईवे पर सवारियां बैठाने के चक्कर में अचानक बस रोकना और पीछे से आ रहे भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार, छत्तीसगढ़ की सड़कों पर होने वाली मौतों की सबसे बड़ी वजह बन गई है। दरचूरा का यह हादसा भी इसी लापरवाही का नतीजा है। आरटीओ और पुलिस को चाहिए कि वे हाईवे पर ‘बस स्टॉप’ के अलावा कहीं भी बस रोकने वाले ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई करें। साथ ही, भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाना अब वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि ‘दरचूरा’ जैसी चीखें दोबारा न सुनाई दें।









