रायपुर: देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के बीच छत्तीसगढ़ के नेताओं का दबदबा बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को केंद्रीय पर्यवेक्षक (Central Observer) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति न केवल विजय शर्मा के बढ़ते कद को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि बिहार की राजनीति में छत्तीसगढ़ भाजपा के रणनीतिकारों पर केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा कितना मजबूत हुआ है।
बिहार की 5 सीटों पर ‘विजय’ की नजर
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात में विजय शर्मा के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है। 16 मार्च को होने वाले इस चुनाव में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन खुद उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने जा रहे हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने और पार्टी की रणनीति को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी अब विजय शर्मा के कंधों पर है।
छत्तीसगढ़ में निर्विरोध हुए फैसले
जहाँ बिहार में चुनावी घमासान तेज है, वहीं छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों पर फैसला निर्विरोध हो चुका है। 9 मार्च को विधानसभा के सचिव ने भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम को जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया। प्रदेश में दोनों प्रमुख दलों ने संख्या बल के आधार पर एक-एक सीट साझा की है।
2025 विधानसभा चुनाव से ही ‘बिहार’ है छत्तीसगढ़ का गढ़
बिहार की राजनीति में छत्तीसगढ़ के नेताओं का हस्तक्षेप नया नहीं है। साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित कई दिग्गजों ने वहां कमान संभाली थी।
मंत्री राजेश अग्रवाल को वैशाली और पातेपुर जैसे अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी मिली थी।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उत्तर बिहार में मोर्चा संभाला था।
भाजपा महामंत्री संजय श्रीवास्तव छपरा, सीवान और गोपालगंज के प्रभारी रहे थे।
नितिन नबीन का ‘छत्तीसगढ़ प्रेम’
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, जो खुद छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी रह चुके हैं, प्रदेश के नेताओं की कार्यक्षमता से भली-भांति परिचित हैं। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव के बाद अब राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण चुनाव में भी उन्होंने विजय शर्मा जैसे युवा और कड़क रणनीतिकार पर भरोसा जताया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि छत्तीसगढ़ी नेताओं का यह ‘बिहार मिशन’ आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर उनके लिए बड़े दरवाज़े खोल सकता है।









