रायपुर: छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सभागार से ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस योजना के जरिए उन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बोझ कम किया जाएगा, जो आर्थिक तंगी या कोरोना काल की दिक्कतों के चलते लंबे समय से अपना बिजली बिल जमा नहीं कर पाए हैं।
28 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को 757 करोड़ की राहत
योजना का लाभ दिलाने के लिए सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद हितग्राहियों को प्रमाण पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से प्रदेश के लगभग 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर 757 करोड़ रुपये की आर्थिक राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज की बुनियादी जरूरत है, लेकिन सरचार्ज (अधिभार) के कारण बकाया राशि इतनी बढ़ जाती है कि गरीब परिवार उसे चुका नहीं पाते। इसी समस्या को खत्म करने के लिए यह ‘समाधान’ लाया गया है।
किसे और कितनी मिलेगी छूट?
योजना के तहत उपभोक्ताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है (31 मार्च 2023 की स्थिति के अनुसार):
- निष्क्रिय उपभोक्ता: जिनका कनेक्शन कट चुका है।
- सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शन: एक बत्ती वाले गरीब परिवार।
- सक्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता: आम नागरिक और किसान।
- इन सभी श्रेणियों के लिए अधिभार (ब्याज) में 100 प्रतिशत की पूरी छूट दी जाएगी। साथ ही, मूल बकाया राशि में भी 75 प्रतिशत तक की भारी छूट का प्रावधान किया गया है।
योजना का लाभ लेने की शर्तें:
- पंजीयन अनिवार्य: लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
- शुरुआती भुगतान: पंजीकरण के समय कुल बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जमा करना होगा।
- किस्तों की सुविधा: शेष राशि को किस्तों में चुकाया जा सकेगा और भुगतान की अवधि के दौरान कोई नया ब्याज नहीं लगेगा।
- समय सीमा: यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: 8 करोड़ की सब्सिडी ट्रांसफर
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 2,931 हितग्राहियों के खातों में 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी सीधे ट्रांसफर की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 36 हजार लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं। सीएम ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश भर में शिविर लगाकर इस समाधान योजना का व्यापक प्रचार करें ताकि अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके।









