दुर्ग: स्टील सिटी दुर्ग के समोदा में हुए बहुचर्चित अफीम खेती कांड में जिला प्रशासन ने पहली बड़ी गाज गिराई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने लापरवाही और शासन को गुमराह करने के आरोप में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) एकता साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है, वहीं मामले के राजनीतिक तार भी अब परत-दर-परत खुलने लगे हैं।
मक्के के ‘प्रदर्शन प्लॉट’ की आड़ में अफीम का खेल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सरकारी कागजों में जिस खेत को ‘मक्का फसल’ का प्रदर्शन प्लॉट दिखाया गया था, वहां असल में धान लगा था। आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और अधिकारियों की साठगांठ से जानबूझकर खेत का स्थान बदला गया ताकि मक्के की आड़ में अफीम की फसल उगाई जा सके।
फर्जी फोटो और सरकारी राशि का गबन
कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि:
फर्जी फोटोग्राफी: नियम के मुताबिक जिस किसान को सरकारी लाभ मिलना है, उसी के साथ फोटो होनी चाहिए। लेकिन अधिकारियों ने धान के खेत की जगह मक्के के खेत के पास किसी दूसरे किसान को खड़ा कर फोटो खींची और पोर्टल पर अपलोड कर दी।
साजिश: जिस मक्के के खेत की फोटो लगाई गई, ठीक उसके पीछे अफीम की लहलहाती फसल छिपाई गई थी।
प्रोत्साहन राशि: इस फर्जीवाड़े के जरिए राज्य शासन से मिलने वाली प्रदर्शन प्लॉट की प्रोत्साहन राशि भी डकार ली गई।
डिजिटल सर्वे में भी भारी गड़बड़ी
फसल सर्वेयर शशिकांत साहू की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। सितंबर 2025 में किए गए डिजिटल सर्वे के दौरान खसरा नंबर 309 को ‘पड़त भूमि’ और 310 में ‘धान’ दर्ज किया गया था, जबकि हकीकत में इन्हीं दोनों खसरों पर अफीम की खेती हो रही थी। इस मामले में पटवारी अनिता साहू को भी पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।
कलेक्टर का कड़ा संदेश: “कोई भी दोषी नहीं बचेगा”
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने साफ किया है कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने न केवल लापरवाही की, बल्कि जानबूझकर स्थान बदलकर शासन को गुमराह किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस केस की विस्तृत जांच जारी है और यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।










