कोरबा: छत्तीसगढ़ सरकार की ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ योजना अब कोरबा जिले के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। परिवहन विभाग ने बिचौलियों और एजेंटों के मकड़जाल को तोड़ने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की होम डिलीवरी तेज कर दी है। अब आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर काटने या एजेंटों को हजारों रुपये देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकारी फीस सैकड़ों में, एजेंट वसूल रहे थे हजारों परिवहन विभाग में सालों से एजेंटों का राज रहा है। जो काम महज 200-300 रुपये की सरकारी फीस में हो सकता है, उसके लिए भोले-भाले लोग एजेंटों को हजारों रुपये दे देते थे। लेकिन अब जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिंहा ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और विभाग सीधे डाक के माध्यम से आपके घर के पते पर स्मार्ट कार्ड भेज रहा है।
कोरबा जिले में रफ्तार पकड़ रही योजना (आंकड़ों की नजर से): कोरबा जिले में इस योजना के तहत भारी संख्या में दस्तावेजों का वितरण किया गया है:
साल 2024-25: कुल 52,076 दस्तावेज बांटे गए (27,253 RC और 24,823 लाइसेंस)।
साल 2025-26 (अब तक): कुल 58,850 दस्तावेज सीधे घरों तक पहुंचाए जा चुके हैं (32,530 RC और 26,320 लाइसेंस)।
खुद आवेदन करें और पैसे बचाएं: ये है तरीका अक्सर लोग ऑनलाइन फॉर्म भरने से डरते हैं और साइबर कैफे या एजेंट के पास चले जाते हैं। विभाग की सलाह है कि:
वेबसाइट का उपयोग: परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप खुद आवेदन कर सकते हैं।
लर्निंग लाइसेंस की फीस: महज 255 रुपये का ऑनलाइन शुल्क जमा कर आप लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
दफ्तर कब जाना है?: ऑनलाइन फॉर्म और फीस भरने के बाद आपको सिर्फ बायोमेट्रिक (फोटो और अंगूठे का निशान) के लिए एक बार दफ्तर जाना होगा। इसके बाद आपका कार्ड सीधे घर आएगा।
सावधान: अब भी सक्रिय हैं बिचौलिये जिला परिवहन अधिकारी ने स्वीकार किया कि अब भी कई लोग फॉर्म भरने के लिए एजेंटों की मदद लेते हैं, जिसका फायदा उठाकर वे मोटी रकम वसूलते हैं। विभाग ने अपील की है कि लोग जागरूक बनें और वेबसाइट पर मौजूद ‘रेट लिस्ट’ को जरूर देखें।










