बिलासपुर/बिल्हा: छत्तीसगढ़ के किसानों की होली इस बार हफ्ते भर पहले ही मन गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को बिलासपुर के बिल्हा स्थित रहंगी मैदान से प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के मोबाइल पर ‘खुशियों का मैसेज’ भेज दिया। मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के जरिए ‘कृषक उन्नति योजना’ की 10,324.84 करोड़ रुपये की अंतर राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। जैसे ही किसानों के फोन की घंटी बजी, पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
होली का तोहफा: “किसान खुश तो छत्तीसगढ़ खुश”
मैदान में मौजूद हजारों किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जो कहती है, वो करती है। उन्होंने कहा, “त्योहार का समय है और हम चाहते थे कि हमारे अन्नदाता के जेब में पैसा रहे ताकि उनके घर की होली शानदार हो। 3100 रुपये प्रति क्विंटल का जो वादा हमने किया था, आज उसकी सबसे बड़ी किस्त आपके खातों में पहुंच गई है।”
ग्राउंड जीरो से बातचीत: बच्चों की पढ़ाई और कर्ज से मुक्ति
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधा संवाद भी किया। नवागढ़ के रहने वाले किसान समर्थ सिंह ने बड़े गर्व से बताया कि उन्हें करीब 1.40 लाख रुपये मिले हैं। समर्थ ने कहा, “साहब, इस पैसे से पहले बच्चों की स्कूल फीस भरूंगा और बाकी पैसा अगली फसल की तैयारी में लगाऊंगा।” दुर्ग के विनोद चंद्राकर की आंखों में भी चमक थी, उन्होंने कहा कि अब त्योहार की खरीदारी और पुराना कर्ज चुकाने की टेंशन खत्म हो गई है।
बिलासपुर को मिली 263 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री ने केवल पैसा ही नहीं बांटा, बल्कि बिलासपुर जिले के विकास के लिए 263 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की झड़ी लगा दी। इसमें तखतपुर का नया अस्पताल और रतनपुर-कोटा मार्ग पर बना नया पुल शामिल है, जिससे अब ग्रामीणों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी।
सियासी मंच पर ‘अनोखी’ तस्वीर
इस किसान सम्मेलन की एक खास बात यह रही कि मंच पर भाजपा के दिग्गजों के साथ कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप भी नजर आए। उन्होंने भी माना कि किसानों के खाते में पैसा जाना एक अच्छी पहल है। यह नजारा बता रहा था कि जब बात किसान के हित की हो, तो दलगत राजनीति पीछे छूट जाती है।









