मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: एमसीबी जिले के खड़गवां इलाके में गर्मियों के दस्तक देते ही गहराने वाले जल संकट से निपटने के लिए एक अनोखी शुरुआत हुई है। क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार को न केवल 28 ग्राम पंचायतों को पानी के टैंकर सौंपे, बल्कि खुद ट्रैक्टर की स्टीयरिंग थामकर और टैंकर चलाकर इस योजना का आगाज किया।
शादी-ब्याह और आयोजनों में अब नहीं होगी ‘प्यास’
खड़गवां क्षेत्र के वनांचल और ग्रामीण इलाकों में हर साल गर्मी के दिनों में पानी के लिए हाहाकार मच जाता है। खासकर शादी-विवाह, अन्नप्राशन और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों को कोसों दूर से पानी ढोना पड़ता था। ग्रामीणों की इसी पुरानी मांग को पूरा करते हुए पहले चरण में 28 पंचायतों को टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं।
“हर पंचायत तक पहुंचेगा टैंकर”
ट्रैक्टर चलाकर टैंकर रवाना करने के बाद मंत्री ने कहा कि गांवों में सार्वजनिक कार्यक्रमों के वक्त पानी की सबसे ज्यादा किल्लत होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया:
“आज 28 पंचायतों को टैंकर दिए गए हैं, जल्द ही बाकी बची पंचायतों को भी इससे जोड़ दिया जाएगा। हमारा मकसद है कि आने वाली तपती गर्मी में किसी भी ग्रामीण को अपनी बेटी की शादी या किसी उत्सव के लिए पानी की खातिर दर-दर न भटकना पड़े।”
पंचायतों के जिम्मे होगा रखरखाव
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन टैंकरों के संचालन और देखरेख की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों की होगी। पंचायतों के पास खुद का टैंकर होने से अब टैंकर मंगवाने के लिए लगने वाले भारी-भरकम किराए और लंबी वेटिंग से भी लोगों को निजात मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे राहत देने वाला बड़ा कदम बताया।
एक कैबिनेट मंत्री का खुद ट्रैक्टर चलाकर जनता के बीच पहुंचना केवल फोटो खिंचवाने का जरिया नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़ाव का संकेत है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में जल संकट एक कड़वी सच्चाई है, और पाइपलाइन विस्तार के बीच ‘वाटर टैंकर’ जैसे फौरी इंतजाम शादियों के सीजन में किसी वरदान से कम नहीं हैं। हालांकि, पंचायतों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि ये टैंकर केवल रसूखदारों के घरों तक सीमित न रहकर गरीब से गरीब ग्रामीण की पहुंच में भी हों।









