मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB): एमसीबी जैसे वनांचल और छोटे जिले की बेटी दर्शना सिंह ने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC में अपनी सफलता का परचम लहराकर इतिहास रच दिया है। शुक्रवार को जारी नतीजों में दर्शना ने 383वीं रैंक हासिल की है, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ है। जनकपुर और भगवानपुर क्षेत्र की इस लाड़ली की कामयाबी ने पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित कर दिया है।
सीएम साय ने कहा- “बेटियों के लिए प्रेरणा हैं दर्शना”
दर्शना की इस ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने उनसे वीडियो कॉल के जरिए सीधी बात की। मुख्यमंत्री ने दर्शना की मेहनत की सराहना करते हुए कहा, “आपने एमसीबी जैसे छोटे जिले और पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। छोटे कस्बे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाना बड़ी उपलब्धि है। आपकी यह उड़ान प्रदेश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।” मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
बचपन से ही मेधावी, अब खाकी में करेंगी देश सेवा
दर्शना सिंह के परिवार और करीबियों ने बताया कि वे शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। भगवानपुर और जनकपुर अंचल में प पली-बढ़ी दर्शना का सपना हमेशा से प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करना था। कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। दर्शना ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है।
इलाके में जश्न का माहौल, घर पर लगा बधाई देने वालों का तांता
जैसे ही यूपीएससी का रिजल्ट आया, दर्शना के घर पर जश्न शुरू हो गया। आतिशबाजी और मिठाइयों के साथ रिश्तेदारों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उनके परिवार को बधाई दी। क्षेत्र के लोग इसे “ऐतिहासिक पल” बता रहे हैं, क्योंकि एक सुदूर अंचल की बेटी अब देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की कमान संभालने जा रही है।
दर्शना सिंह की आईपीएस के रूप में सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के उन ‘अंधेरे कोनों’ की जीत है जिन्हें अक्सर पिछड़ा मान लिया जाता है। एमसीबी जिले के जनकपुर जैसे सुदूर क्षेत्र से निकलकर दिल्ली के यूपीएससी मुख्यालय तक का सफर तय करना यह बताता है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सीएम और मंत्रियों का तत्काल वीडियो कॉल कर उन्हें प्रोत्साहित करना, राज्य में शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति एक सकारात्मक संदेश भेजता है।









