रायपुर: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 की रुकी हुई नियुक्तियों को लेकर जारी घमासान के बीच सरकार ने बड़ा बयान दिया है। एक तरफ जहाँ राजधानी में D.Ed प्रशिक्षित अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार अब नई शिक्षक भर्ती की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। मंत्री ने आंदोलनकारियों से अनशन खत्म कर नई प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की है।
व्यापम को पत्र जारी, नई भर्ती के संकेत
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्ती का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापम को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है और व्यापम ने अपना सर्कुलर भी जारी कर दिया है। मंत्री के मुताबिक, सरकार चाहती है कि रिक्त पदों को पारदर्शी तरीके से भरा जाए और युवा अपनी ऊर्जा आंदोलन के बजाय आने वाली परीक्षा की तैयारी में लगाएं।
राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल तक गुहार
बता दें कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के बचे हुए 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इनमें 1600 से अधिक पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे 24 सितंबर 2025 से अनशन पर हैं और कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें नियुक्तियां नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल रमेन डेका को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
आंसू, जेल और घेराव का इतिहास
यह आंदोलन पहले भी कई बार उग्र मोड़ ले चुका है। कुछ समय पहले जब अभ्यर्थियों ने मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले का घेराव किया था, तब पुलिसिया कार्रवाई और महिला अभ्यर्थियों के रोते-बिलखते वीडियो पूरे प्रदेश में वायरल हुए थे। इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को जेल भी भेजा गया था, जिससे युवाओं में भारी आक्रोश है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें:
- सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के बचे हुए 2300 पदों पर तत्काल नियुक्ति।
- हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन।
- रिक्त पदों पर पात्र D.Ed अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देना।
- शिक्षा मंत्री की इस अपील के बाद अब देखना होगा कि क्या आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थी नई भर्ती के भरोसे अपना आंदोलन खत्म करते हैं या अपनी पुरानी मांगों पर अड़े
- रहते हैं।









