धमतरी : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की आहट के बीच धमतरी की सड़कों पर आज एक अलग ही नजारा देखने को मिला। ‘इनर व्हील क्लब’ के बैनर तले जिले में पहली बार आयोजित ‘महिला कार रैली’ ने पितृसत्तात्मक सोच को पीछे छोड़ते हुए सशक्तिकरण का जोरदार संदेश दिया। 50 से अधिक कारों के काफिले को खुद महिलाओं ने ड्राइव किया, जिसे देख शहरवासी दंग रह गए।
एकलव्य मैदान से खाटू श्याम मंदिर तक ‘रफ्तार’ का जज्बा
रैली का आगाज शहर के एकलव्य खेल मैदान से हुआ। जैसे ही कारों का काफिला लक्ष्मी निवास चौक, अंबेडकर चौक और मकई चौक से गुजरा, लोग थमकर इन जांबाज महिलाओं का उत्साहवर्धन करने लगे। रायपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर पर जाकर इस रैली का समापन हुआ।
खास बात: हर कार की स्टीयरिंग सीट पर महिला बैठी थी, जबकि बगल में बैठी सखियों के हाथों में ‘नारी शक्ति, नारी सम्मान’ की तख्तियां लहरा रही थीं। आयोजन से पहले सभी को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग का संकल्प भी दिलाया गया।
पूर्व विधायक रंजना साहू ने बढ़ाया उत्साह
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और धमतरी की पूर्व विधायक रंजना साहू ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक रैली को रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा:
“महिलाएं आज घर की चौखट लांघकर आसमान छू रही हैं। जो हाथ घर संभाल सकते हैं, वही हाथ देश और गाड़ी की स्टीयरिंग भी बखूबी संभाल सकते हैं। वक्त की मांग है कि हर महिला को वाहन चलाना आना चाहिए।”
“सिर्फ आयोजन नहीं, यह एक बदलाव है”
इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष सुधा अग्रवाल ने बताया कि इस रैली का मकसद समाज को यह बताना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वहीं, क्लब की सदस्य श्रुति अग्रवाल ने बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा कि जो महिलाएं घर को इतने व्यवस्थित तरीके से चलाती हैं, उनके लिए कार या विमान चलाना कोई बड़ी चुनौती नहीं है। यह संदेश धमतरी की गलियों से निकलकर पूरी दुनिया तक जाएगा।
धमतरी जैसे छोटे शहर में इस तरह का आयोजन केवल एक ‘फोटो अवसर’ नहीं है, बल्कि यह उस रूढ़िवादी सोच पर चोट है जो ड्राइविंग को केवल पुरुषों का एकाधिकार मानती है। जब 50 कारें एक साथ शहर के व्यस्त चौकों से गुजरीं, तो उन्होंने साबित कर दिया कि महिला सशक्तिकरण अब केवल भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन (और सड़कों) पर उतर चुका है।










