रायपुर/पटना: छत्तीसगढ़ पुलिस के पूर्व महानिदेशक (DGP) और 1973 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विश्वरंजन का शनिवार रात निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और पटना के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर फैलते ही छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और पुलिस गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. रमन सिंह ने दी श्रद्धांजलि: “अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के लिए रहेंगे याद”
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपना दुख साझा करते हुए कहा कि विश्वरंजन ने वर्ष 2007 में डीजीपी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अत्यंत कुशलता और निष्ठा के साथ किया। रमन सिंह ने उनके प्रशासनिक अनुभव और अनुशासन को याद करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
नक्सल मोर्चे और इंटेलिजेंस में लोहा मनवाया
1973 बैच के अधिकारी रहे विश्वरंजन को छत्तीसगढ़ कैडर मिला था। साल 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के निधन के बाद उन्होंने पुलिस महकमे की कमान संभाली थी।
लंबा अनुभव: डीजीपी बनने से पहले वे लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में प्रतिनियुक्ति पर रहे, जहाँ उन्होंने अतिरिक्त निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।
चुनौतियों का सामना: उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ कई बड़े अभियानों का सामना किया, जिसमें उन्होंने अपनी सूझबूझ और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया।
पुलिस लाइन में जुटे दिग्गज, दी भावभीनी विदाई
राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पुलिस महकमे के कई पूर्व और वर्तमान दिग्गज शामिल हुए। रिटायर्ड डीजीपी एसके पासवान, जीएस माथुर, गिरधारी नायक और जीएस बामरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें याद किया। अधिकारियों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका हमेशा अविस्मरणीय रहेगी।
खबर का विश्लेषण (Point of View):
विश्वरंजन केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं थे, बल्कि वे एक विचारक और साहित्य प्रेमी व्यक्तित्व के धनी भी थे। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद जब अपने चरम पर था, तब उन्होंने पुलिस फोर्स का नेतृत्व किया और इंटेलिजेंस के अपने अनुभव का इस्तेमाल जमीनी स्तर पर किया। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने एक ऐसा प्रशासनिक स्तंभ खो दिया है जिसने राज्य के शुरुआती और संघर्षपूर्ण वर्षों में कानून-व्यवस्था की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।










