बलौदाबाजार/हरदी: जिले के बारनवापारा अभयारण्य से लगे ग्राम हरदी में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तालाब में विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने जब मछली पकड़ने के लिए डाले गए जाल को खींचा, तो उसमें मछली की जगह मगरमच्छ फंसा हुआ मिला। ग्रामीणों की तत्परता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू कर उसे जंगल सफारी, नवा रायपुर भेज दिया गया है।
जाल में फंसा देख उड़े होश, ग्रामीणों ने दिखाई सूझबूझ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरदी गांव के तालाब में ग्रामीण मछली पकड़ने गए थे। जैसे ही जाल भारी महसूस हुआ और उसे बाहर निकाला गया, तो उसमें एक आक्रामक मगरमच्छ छटपटा रहा था। आबादी क्षेत्र के इतने करीब मगरमच्छ को देख कुछ देर के लिए दहशत फैल गई, लेकिन ग्रामीणों ने बहादुरी और धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने मगरमच्छ को नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।
एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू
वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशन में रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले तालाब के किनारे जमा भीड़ को हटाया और सुरक्षा घेरा बनाया। जाल में बुरी तरह उलझे मगरमच्छ को बिना चोट पहुंचाए बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती थी। करीब एक घंटे की सावधानीपूर्वक कार्रवाई के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में कर लिया।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल सफारी में शिफ्ट
मगरमच्छ को तालाब से निकालने के बाद उसका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है। चूंकि गांव अभयारण्य के करीब है, इसलिए भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मगरमच्छ को जंगल सफारी, नवा रायपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। वहां उसे उसके अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस सफल ऑपरेशन में वन विभाग के अमले और ग्रामीणों का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला:
वन विभाग टीम: गितेश बंजारे (परिक्षेत्र सहायक), नेहरू निषाद, भागी यादव, पीलू निषाद और राकेश ध्रुव।
ग्रामीण सहयोग: वन प्रबंधन समिति हरदी के सदस्य सुखदेव, टिकनेश ध्रुव, मयाराम सेन और अन्य ग्रामीण।
जागरूकता से टल रही हैं दुर्घटनाएं
वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने बताया कि इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी इसी क्षेत्र में एक हाथी का सफल रेस्क्यू किया गया था। उन्होंने ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण समाज की साझी जिम्मेदारी है। हरदी के ग्रामीणों ने वन्यजीव को उकसाने के बजाय विभाग को सूचना देकर एक आदर्श उदाहरण पेश किया है।









