छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को दबोचा है, जो खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बताकर लोगों को अपना शिकार बना रहा था। हैरानी की बात यह है कि खुद को बड़ा अफसर बताने वाला यह आरोपी महज दसवीं पास है। बेमेतरा पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से फर्जी दस्तावेज और मोमेंटो बरामद किए हैं।
किराए के मकान से चला रहा था ठगी का नेटवर्क
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान रोहित कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी है। वह पिछले एक साल से बेमेतरा के देवकर क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रह रहा था। स्थानीय लोगों के बीच उसने अपनी पहचान एक रसूखदार अधिकारी के तौर पर बना रखी थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
नौकरी और ट्रांसफर का झांसा देकर की वसूली
आरोपी रोहित कुमार की ‘क्राइम कुंडली’ खंगालने पर पता चला कि वह बेरोजगार युवाओं और शासकीय कर्मचारियों को अपना निशाना बनाता था। वह लोगों को सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने, कर्मचारियों का मनचाहा ट्रांसफर कराने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने अब तक 3 लोगों से करीब 2 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की है।
“आरोपी ने फर्जी आईएएस बनकर ठगी की कई वारदातों को अंजाम दिया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होने वाले कई मोमेंटो और सामान जब्त किए गए हैं।” — अलील चंद, चौकी प्रभारी, देवकर
पुलिस की सक्रियता से चढ़ा हत्थे
डीआईजी बेमेतरा रामकृष्ण साहू के निर्देश पर देवकर पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस ठगी के खेल में क्या कोई और भी शामिल है। आरोपी के पास से बरामद दस्तावेजों और मोमेंटो की भी जांच की जा रही है। बेमेतरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।









